Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
मित्रों!   रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।   देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')   -- दोहे   "कल-कल शब्द निनाद"   उच्चारण  -- दोहे   "सुरा कभी अच्छी नहीं"   ( राधा तिवारी "राधेगोपाल " )  राधे का संसार  -- करवा चौथ पर 15 हिंदी शायरी   (karwa chauth shayari in hindi)  ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   4:00am 21 Oct 2018
Blogger: Khushdeep Sehgal at देशनामा...
अमृतसर दशहरा हादसे में जिन्होंने अपनों को खोया, वो भरपाई किसी जांच, किसी मुआवजे से पूरी नहीं होगी. लेकिन अपने अंदर झांक कर हम ये तो सोच ही सकते हैं कि परंपराओं के नाम पर ऐसे खतरे हम कब तक मोल लेते रहेंगे?अमृतसर में दशहरे पर जो हादसा हुआ, वो हर किसी को अंदर तक हिला देने वाला ...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   4:53pm 20 Oct 2018
Blogger: Dr T S Daral at अंतर्मंथन...
जलते हए रावण नेजलाते हुए बन्दों से कहा ,अरे अंध भक्तोहर साल मुझे जिलाते हो ,फिर जिन्दा ही जलाते हो !ऐसी क्या थी मेरी खताजो इतने मुझसे हो खफा !अधूरा सा ही तो था गुनाहफिर क्यों करते हो मेरा दाह !देखो अपने आस पासकितने क़ुरावण रहते हैं !हरण होती हैं रोज सीतायेंजिनके निशाँ तक मि...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   4:45pm 20 Oct 2018
Blogger: शारदा अरोरा at जीवन यात्रा , ...
बुराड़ी काण्ड , एक साथ ११ लोगों की दिल दहला देने वाली आत्महत्या ; पहली ही नजर में ये तो साफ समझ में आता है कि उनमे से कोई भी ये समझ नहीं पाया था कि इस हादसे में उनकी जान चली जायेगी।  अगले दिन के लिये छोले भिगो कर रखना , दही जमा कर रखना और फिर ललित का उसी दिन फोन रिचार्ज कराना ; क...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   1:50pm 20 Oct 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
लेखन से बढ़ कर नहीं, कोई भी आनन्द।नियमित लेखन का कभी, काम न करना बन्द।।--जो लिखता है नियम से, मन के सब अनुभाव।उसके मन में शब्द का, होता नहीं अभाव।।--मानव ही तो जगत में, करता प्रकट विचार।ईश्वर ने इन्सान को, दी है शक्ति अपार।।--बहते निर्झर ही करें, कल-कल शब्द निनाद।कर्मों से ही ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   10:25am 20 Oct 2018
Blogger: devendra chandrakar at Tourist Places in Chhattisgarh...
निचे वाली माँ (माता राउर)/ (खल्लारी माँ )खल्लारी माता छत्तीसगढ़ में ऐसे बहुत से ऐतिहासिक व प्राचीन स्थल है। जिसका वर्णन रामायण व महाभारत ग्रन्थ में मिलता है, उन्हीं में से एक स्थल है, खल्लवाटिका जिसे अब  खल्लारी के नाम से जाना  जाता है।खल्लवाटिका(खल्लारी)/राक...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   9:40am 20 Oct 2018
Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
इलेक्शन फोबिया के मरीज़ों की संख्या,, इन चुनावों में पहले से पांच गुना बढ़ सकती है ,,एक विशेषज्ञ रिपोर्ट के अनुसार ,,देश में होने वाले लोकसभा ,विधानसभा ,सहित होने वाले निकाय ,,संस्थाओं के चुनाव में एक बढ़ा वर्ग इस इलेक्शन फोबिया की बीमारी से ग्रसित हो जाता है ,,विशेषज्ञों का ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   6:47am 20 Oct 2018
Blogger: sandhya arya at हमसफ़र शब्द...
एकवहीतोहैजोबदलतानहीमिलनेकीलाखकोशिश करने पर भी शिकवानहीकरताजमानेसेवक्तकेकोहरेनेदफ़नकरदियाखुदकोखुदकेअन्दरकहीलाखदरवाजेपरकोईदस्तकहोतीवहसोयाऐसाकिउठनेकीकोईजुगतनहीकरताहमारीभटकनमंदिर-मंदिरतलाशयुगोंकीऔरहममिलहीगयेतोमिलनाक्योंनहीहोतासवालपुरानीह...
clicks 12 View   Vote 0 Vote   2:57pm 19 Oct 2018
Blogger: सरिता भाटिया at गुज़ारिश ...
मुक्तक रावण पुतले गली गली में ,कब तक यूंही लगाओगेहर काम ,काज ,व्यवहार में रावण कैसे इन्हें मिटाओगेभस्म करो अंतसका रावण , विजयादशमी होगी तबद्वेष,बुराई ,दंभ का रावण जब तुम रोज जलाओगे।।19 अक्टूबर, 2018 ...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   12:44pm 19 Oct 2018
Blogger: Anshu Mali Rastogi at चिकोटी...
मैंनहीं चाहता मेरे अंदर का रावण मरे! मैं उसे हमेशा जिंदा रखना चाहता हूं। वो जिंदा रहेगा तो दुनिया के आगे मेरा कमीनापन उजागर करता रहेगा। मुझे भरे बाजार नंगा करता रहेगा। मेरा सच और झूठ सामने लाता रहेगा।हां, मैं बहुत अच्छे से जानता हूं कि रावण की छवि दुनिया-समाज में कतई अच...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   9:20am 19 Oct 2018
Blogger: Kavita Rawat at KAVITA RAWAT...
मुझे बचपन से ही रामलीला देखने का बड़ा शौक रहा है। आज भी आस-पास जहाँ भी रामलीला का मंचन होता है तो उसे देखने जरूर पहुंचती हूँ। बचपन में तो केवल एक स्वस्थ मनोरंजन के अलावा मन में बहुत कुछ समझ में आता न था, लेकिन आज रामलीला देखते हुए कई पात्रों पर मन विचार मग्न होने लगता है। रा...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   8:00am 19 Oct 2018
Blogger: माधवी रंजना at DAANAPAANI...
मुरगन स्वामी के दर्शन के बाद होटल से चेकआउट कर बस स्टैंड पहुंच गया हूं। अब पलनी से त्रिपुर के लिए चल पड़ा हूं। हर 15 मिनट पर त्रिपुर के लिए एक बस मिल जाती है। एक बस में खिड़की के पास वाली सीट मिल गई है। पलनी से त्रिपुर की दूरी 80 किलोमीटर है। पलनी शहर को पार करके बस हरे भरे रास...
clicks 14 View   Vote 0 Vote   12:00am 19 Oct 2018
Blogger: rewa tibrewal at प्यार ...
कभी कोई खुश्बू सांसों में समा जाए तो उसे हम नहीं कहते मुझे तुमसे मोहब्बत है कभी ठंडी पुरवाई बदन को छू जाए तो उसे भी हम नहीं कहते मुझे तुमसे मोहब्बत है वो रंग जो मन को भा जाते हैं उनसे भी नहीं कहते हम सुनो मुझे तुमसे मोहब्बत है प्रकृति की मनोहारी छटाजो दिल पर छप जाए उसे भ...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   9:50pm 18 Oct 2018
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
      अनेकों संस्कृतियों में, ऊँची आवाज़ में रोना, विलाप करना, कपड़े फाड़ना, आदि, व्यक्तिगत गहरे शोक या गंभीर राष्ट्रीय आपदा आदि के समय में दुःख व्यक्त करने के स्वीकारीय तरीके हैं। परमेश्वर के वचन बाइबल के पुराने नियम के समय में इस्राएल के लोगों द्वारा भी इसी प्रकार...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   8:45pm 18 Oct 2018
Blogger: ABHISHEK PATEL at learns a2z , learn atoz current aff...
govt, private job alert october 2018 @import url('https://fonts.googleapis.com/css?family=Tillana'); * { font-family: 'Tillana', cursive; margin: 0; padding: 0; } b { color: red; } #hedi{ -webkit-border-radius: 29px; border-radius: 29px; border: 5px solid yellow; padding: 10px; color: red; background-color: white; font-weight: bolder; } #bd { width: 100%; } table { font-family: 'Tillana', cursive; margin: 0; padding: 0; font-...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   4:20pm 18 Oct 2018
Blogger: देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा...
आप मुर्गे की बांग से जागते होंगे, हमको तो पड़ोस की जूली जगाती है! जूली का मालिक भोर में चार बजे ही निकल जाता है मॉर्निंग वॉक पर। जूली की मालकिन अपने पति देव के जाने के बाद, गेट बाहर से उटका कर, देर तक कॉलोनी में टहलती रहती हैं और जूली बन्द गेट के भीतर से मालकिन को देख देख कूकि...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   3:29pm 18 Oct 2018
Blogger: कारवॉं at कारवॉं karvaan...
यह कविता मैंने 1989-90 में लिखी थी। तब पटना से सीपीआई का एक दैनिक जनशक्ति निकला करता था, उसमें आलोचक व कवि डॉ.खगेन्द्र ठाकुरने मेरी दो कविताएं छापी थीं, जिनमें एक यह भी थी। 2000 में जब मेरा तरीके से पहला कविता संकलन परिदृश्य के भी‍तरनिकला तो मैंने उसकी कविताओं के चयन का काम अन...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   2:08pm 18 Oct 2018
Blogger: ज्ञानेश कुमार at Ayurveda : A Holistic approach to H...
स्त्रियाें की वास्तविक चाहत होती है आत्मनिर्भरता  -  Kamal Kumar Prajapati की फेसबुक वाल से एक औरत को आखिरक्या चाहिए होता है?एक बार जरुर पढ़े ये छोटी सी कहानी:राजा हर्षवर्धन युद्ध में हार गए।हथकड़ियों में जीते हुए पड़ोसी राजा के सम्मुख पेश किए गए। पड़ोसी देश का राजा अपनी जीत स...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   12:16pm 18 Oct 2018
Blogger: दिनेश प्रजापति at अपना अंतर्जा...
DNSनमस्कार मित्रों स्वागत है यहाँ, आज जानेंगे डोमेन नेम सिस्टम (डीएनस) के बारे में डोमेन नेम सिस्टम इंटरनेट डोमेन नामों का पता लगाने और उनका इंटरनेट एड्रेस प्रोटोकॉल में अनुवाद करने का एक तरीका है। एक डोमेन नाम एक इंटरनेट एड्रेस को याद रखने का एक सार्थक और आसन तरीका है।...
clicks 13 View   Vote 0 Vote   9:28am 18 Oct 2018
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