लालित्यम्

सफ़ाई

  हमारी नातिन बड़ी सफ़ाई पसन्द है . एक बार की बात है मेरा कंघा नहीं मिल रहा था.वह बोली,'नानी मेरा ले लीजिये .' 'ढूँढ रही हूँ.अभी मिल जायेगा,जायेगा कहाँ !' '...
clicks 10  Vote 0 Vote  9:41am 19 Nov 2020

क्लोनिंग

                इधर क्लोनिंग के विषय में बहुत कुछ सुनने में आ रहा है .वनस्पतियाँ तो थीं ही अब ,जीव-जन्तुओं पर भी प्रयोग हो रहे हैं और सफलता भी मिल रही ह...
clicks 48  Vote 0 Vote  11:32am 15 Nov 2020

लाचार आदमी

 एक समाचार(बात पुरानी है ) - 'आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने परीक्षा में नकल करने के आरोप में पांच जजों को निलंबित कर दिया है. वारंगल जिला स्थित काकतीय विश्वव...
clicks 16  Vote 0 Vote  9:59am 8 Nov 2020

राग- विराग -

 (पिछली पोस्ट 'व्यामोह'के तारतम्य में -) मनस्विनी रत्ना ,जिस सुहाग पर मायके में इठलाती थी,उसकी विलक्षण विद्वत्ता-वाग्मिता,का दम भरती थी उसके कथा-वाचन के...
clicks 44  Vote 0 Vote  6:13am 28 Oct 2020

तृप्ति की क्वालिटी

 *पहले एक पहेली बूझिये फिर आगे की बात -'कोठे से उतरीं, बरोठे में फूली खड़ीं.'इन फूलनेवाली महोदया का तो कहना ही क्या!(इन पर एक पूरा पैराग्राफ़ लिखना अभी बाकी ...
clicks 24  Vote 0 Vote  8:59am 15 Oct 2020

व्यामोह

*       तमसाकार रात्रि . घनघोर मेघों से घिरा आकाश, दिशाएँ धूसर, रह रह कर मेघों की  गड़गड़ाहट और गर्जना के साथ,बिजलियों की चमकार. वर्षा की झड़ियाँ बार-ब...
clicks 33  Vote 0 Vote  5:55am 9 Oct 2020

कोरोना काव्य और क्रोचे

इन कोरोनाकुल दिनों में, में मुझे क्रोचे की बड़ी याद आ रही है. कितने हल्के-फुल्के लिया था हमने इस महान् आत्मवादी दार्शनिक को! पर अब पग-पग पर इसके अभिव्यंजना...
clicks 26  Vote 0 Vote  10:45pm 29 Sep 2020

हर्रा लगे न फिटकरी .....

इन कोरोनाकुल दिनों में मुझे क्रोचे की बड़ी याद आ रही है. कितने हल्के-फुल्के लिया था हमने इस महान् आत्मवादी दार्शनिक को! पर अब पग-पग पर मुझे क्रोचे की बड़ी य...
clicks 32  Vote 0 Vote  5:07am 23 Sep 2020

कृतार्थ क्षण-

* खुले आकाश की झरती रोशनी में नहाए, ये कृतार्थ क्षण और मेरा कृतज्ञ मन - लगता है नारी-जीवन का प्रसाद पा लिया मैंने!कितनी नई फ़सलें फूली-फलीं मेरे आगे ,पुत्र...
clicks 109  Vote 0 Vote  2:33am 2 Jul 2020

कृतार्थता के क्षण -

* खुले आकाश की झरती रोशनी में नहाए, ये कृतार्थता  के क्षण और मेरा कृतज्ञ मन - लगता है नारी-जीवन का प्रसाद पा लिया मैंने!कितनी नई फ़सलें फूली-फलीं मेरे आगे...
clicks 31  Vote 0 Vote  2:33am 2 Jul 2020
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