सुरंजनी

ना गीतों में अब आत्मा है ,ना ही संगीत में माधुर्य

गीत-संगीत जीवन में एक नयी उर्जा और स्फूर्ति का माध्यम है.संगीत ने हमारे जीवन में एक अद्भुत स्थान बना लिया है. ‘तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है...’,...
clicks 58  Vote 0 Vote  7:10pm 10 Apr 2018

रिश्तों से नहीं, रंगों से खेले होली

होली के दिन दिल खिल जाते हैं रंगों में रंग मिल जाते है,होली आई रे कन्हाई,जा रे हट नटखट ना खोल मेरा घूँघट,रंग बरसे भीगे चुनर वाली इन जैसे अनेक गीतों ने हमेशा ...
clicks 38  Vote 0 Vote  11:36am 28 Feb 2018

मनोरंजन के नाम पर क्या गंदगी परोस रहा है टीवी !!

                       क्या बुआ-मामा जैसे रिश्ते हमारे परिवारों को जोड़ने की कड़ी है या फिर तोड़ने की ? क्या जोधाबाई-पद्मावती या फिर चन्द्रगुप्त मौ...
clicks 89  Vote 0 Vote  12:29pm 14 Feb 2018

प्रतिभाओं को पुरस्कार बस नहीं, सम्मानित जीवन भी चाहिए

हम आज के समय में अपने जीवन में वो सब पाने की लालसा करते है। जो हमारे जीवन को एक सार्थक आयाम दे सकता है।जो हमें सफल इन्सान के तौर पर स्थापित कर सके। सफलता का ...
clicks 39  Vote 0 Vote  2:33pm 9 Feb 2018

अध्ययन के स्थान पर अपराध का केंद्र क्यों बन रहे हैं स्कूल ?

  क्या हमारे देश के नामी-गिरामी स्कूल भी धीरे धीरे अमेरिकी तर्ज पर संस्कृति और संस्कारों से विचलन का माध्यम बन रहे हैं? आखिर क्या वजह है कि पठन-पाठन का के...
clicks 41  Vote 0 Vote  11:08am 24 Jan 2018

सीमा पर संबंधों के दो अलग रंग

हमारे देश की  उत्तरोतर उन्नति ने विश्व की सभी शक्तियों के बीच हमारी एक अलग पहचान कायम की है.यह पहचान हमें अपनी प्रगति और विकास के साथ साथ अपनी वैश्विक उद...
clicks 35  Vote 0 Vote  12:28pm 13 Jan 2018

खैरात मत बांटिए नेताजी खेलों पर लगाइए अपना ध्यान

अब खैरात बांटने का दौर शुरू हो गया है। नेताओं,मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों के वेश में राजा-महाराजों और राजनीतिक जागीरदारों ने अपने ख़जाने खोल दिए हैं। कि...
clicks 88  Vote 0 Vote  7:54pm 22 Aug 2016

महज ढकोसला है बिना पुरुष अहम त्यागे समाज में बदलाव की बात करना !!

समाज और मीडिया में इन दिनों समाज के सभी तबकों एवं खासकर महिलाओं को समान अधिकार देने को लेकर बढ़-चढ़कर बातें पढने और सुनने को मिल रही हैं. कई बार तो ऐसा लगने ल...
clicks 119  Vote 0 Vote  2:20pm 6 Aug 2015

प्रधानमंत्री जी ,गाँधी-नेहरु जयंती पर सरकारी छुट्टी क्यों..?

माननीय प्रधानमंत्री जी ,सादर नमन,आपके रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” के लिए मेरे दो सुझाव हैं. उम्मीद है कि आप इन पर ध्यान देने का वक्त निकल पाएंगे. सुझाव थो...
clicks 77  Vote 0 Vote  8:08pm 2 Apr 2015

इस धरती पर बोझ नहीं मैं दुनिया को समझाओ ना पापा.....I

आज के समय में एक ओर हम देश को नए आयामों की ओर ले जा रहे हैं,अनवरत प्रगति को अपना लक्ष्य मान रहे हैवहीँ दूसरी ओर,अपने स्वार्थ को भी सर्वोपरि रखे हुए हैं.ऐसे ह...
clicks 91  Vote 0 Vote  10:38am 19 Feb 2015
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