मेरे गीत !

बिना समझे, दौड़ना खतरनाक हो सकता है -सतीश सक्सेना

६ जून की पोस्ट पर भाई लकी सिंह के स्नेहिल प्रश्न के जवाब में यह पोस्ट लिखनी आवश्यक हो गयी है मुझे दुःख है कि अधिकतर लोग ध्यान से बिना समझे रनिंग शुरू करत...
clicks 5  Vote 0 Vote  8:57am 12 Jun 2018

मृत्युभय और इम्यून सिस्टम (हेल्थ ब्लंडर 9) -सतीश सक्सेना

गिरिजा कुलश्रेष्ठएवं शशि शर्मा जी का सवाल है कि इम्यून सिस्टम को मजबूत कैसे करें ? इसके जवाब में आधुनिक सिस्टम और मेडिकल व्यवसाय के अनुसार वही टोटके बता...
clicks 0  Vote 0 Vote  7:45am 8 Jun 2018

हेल्थ ब्लंडर 8 -सतीश सक्सेना

रोज सवेरे वाक करके स्वस्थ रहने की ग़लतफ़हमी पालने वालों के लिए अरुण द्विवेदी की तल्ख़ टिप्पणी को ध्यान से पढ़ना चाहिए शायद वे अपनी गलती महसूस करें !"कई बूढ़े ल...
clicks 2  Vote 0 Vote  8:36am 6 Jun 2018

अरसे के बाद मिले जाना,इतने निशब्द,नहीं मिलते -सतीश सक्सेना

जाने कितने ही बार हमें, मौके पर शब्द नहीं मिलते !अहसाओं के आवेगों में जिह्वा को शब्द नहीं मिलते !तेरे बिन कैसे रह पाए ,कहने को लफ्ज़ नहीं मिलते !अरसे के बा...
clicks 5  Vote 0 Vote  8:53am 27 May 2018

झूठों को ही इस देश में झूठा नहीं कहते -सतीश सक्सेना

अब मुफ्त में सूरज को भी अच्छा नहीं कहते इस देश में अच्छे को ही अच्छा नहीं कहते !ध्रतराष्ट्र पुत्र बन गया सरदार , तभी से  झूठों को ही इस देश में झूठा नही...
clicks 2  Vote 0 Vote  8:35am 23 May 2018

भगवा लिवास को कभी लुच्चा नहीं कहते -सतीश सक्सेना

हम मुफ्त में सूरज को भी अच्छा नहीं कहते !इस देश में अच्छे को ही,अच्छा नहीं कहते !बच्चों को भूल पर तो माफ़ कर ही दें ,मगर कम उम्र,नर पिशाच को ,बच्चा नहीं कह...
clicks 1  Vote 0 Vote  12:48pm 22 May 2018

खुद से कहिये जीने का अंदाज़ बदल लें -सतीश सक्सेना

धन कमाने का मतलब आराम और ऐश की जिंदगी है इस विश्वास से बड़ी बेवकूफी मानव ने शायद ही कभी की होगी , साठ वर्ष इसी धारणा के साथ ऐश और आराम किया मगर भला हो रिट...
clicks 15  Vote 0 Vote  8:26am 18 May 2018

उनसे कहिये,चलने का अंदाज़ बदल लें -सतीश सक्सेना

सुनी सुनाई खबरों पर,एतबार बदल लें !झूठी खबरों के सस्ते अखबार बदल लें !चलते, अहंकार की चाल,नज़र आती है !उनसे कहिये,चलने का अंदाज बदल लें !अगर कभी आ जाए ऊँट पहाड़ ...
clicks 1  Vote 0 Vote  9:53am 16 May 2018

चिंतित माँ की चौकीदारी क्या समझेंगे ? -सतीश सक्सेना

घर कुटुंब की जिम्मेदारी क्या समझेंगे ?शक संशय में रिश्तेदारी,क्या समझेंगे ?पर निंदा ,उपहास में, रस तलाशने वाले व्यथित पिता की हिस्सेदारी क्या समझेंगे ?नन...
clicks 10  Vote 0 Vote  3:13pm 10 May 2018

मेरी पहली बार, नंगे पैर सड़क दौड़ -सतीश सक्सेना

आज सुबह उठा तो लगा बाएं पैर में दर्द है, लग रहा था कि हड्डी में हेयर क्रैक हुआ है लंगड़ा कर टहलते हुए तय किया कि आज सिर्फ वाक पर जाऊंगा मगर जूते के अंदर मोजा ...
clicks 1  Vote 0 Vote  7:55am 9 May 2018
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