उच्चारण

लघु कथा "माँ की ममता" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

लघु कथा-माँ की ममता     रम्भा देवी का एक ही बेटा है अर्जुन, जो मूम्बई में किसी कम्पनी में वाचमैन की नौकरी करता है। उसका परिवार उसके साथ ही रहता है। अ...
clicks 3  Vote 0 Vote  4:00am 22 Aug 2019

ग़ज़ल "साथ चलना सीखिए" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आदतें अपनी बदलना सीखिएजिन्दगी में साथ चलना सीखिएकंकड़ों और पत्थरों की राह मेंठोकरें खाकर सँभलना सीखिएदुःख और सुख जिन्दगी के अंग हैंफूल के मानिन्द ...
clicks 3  Vote 0 Vote  4:00am 21 Aug 2019

दोहे "चित्रकारिता दिवस" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

चित्रकारिता दिवस पर, सुखद बना संयोग।लिए कैमरा हाथ में, निकल पड़े हैं लोग।।--संग किसी के परिणिता, चली घूमने साथ।किसी-किसी ने प्रेयसी, का थामा है हाथ।।--क...
clicks 9  Vote 0 Vote  12:24pm 19 Aug 2019

गीत "मौत का पैगाम लाती है सुरा" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

ज़िन्दगी को आज खाती है सुरा।मौत का पैगाम लाती है सुरा।।उदर में जब पड़ गई दो घूँट हाला,प्रेयसी लगनी लगी हर एक बाला,जानवर जैसा बनाती है सुरा।मौत का पैगाम ला...
clicks 8  Vote 0 Vote  6:54am 19 Aug 2019

दोहे "ढुल-मुल नहीं उसूल" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जब से थामी केन्द्र ने, काशमीर की डोर।घाटी में होने लगी, तब से सुख की भोर।।--पत्थरबाजों का रुका, घाटी में सैलाब।नवयुवकों के हाथ में, होगी जल्द किताब।।--का...
clicks 9  Vote 0 Vote  12:30pm 18 Aug 2019

गीत "कॉफी की तासीर निराली" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

क्षणिक शक्ति को देने वाली।कॉफी की तासीर निराली।।जब तन में आलस जगता हो,नहीं काम में मन लगता हो,थर्मस से उडेलकर कप में,पीना इसकी एक प्याली।कॉफी की तासी...
clicks 7  Vote 0 Vote  9:19am 18 Aug 2019

देशभक्ति गीत "देशप्रेम का दीप जलेगा, एक समान विधान से" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

लालचौक पर आज तिरंगा, लहराता अभिमान से।आजादी का जश्न हो रहा, देखो कितनी शान से।।पत्थरबाजों के कुकृत्य से, मुक्त हो गयी है घाटी,उग्रवाद-आतंकवाद की, खतम ह...
clicks 13  Vote 0 Vote  6:16pm 16 Aug 2019

दोहे, "स्वतन्त्रता का मन्त्र" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

मुशकिल से हमको मिला, आजादी का तन्त्र।सबको जपना चाहिए, स्वतन्त्रता का मन्त्र।।आजादी के साथ में, मत करना खिलवाड़।तोड़ न देना एकता, ले मजहब की आड़।।मत-मजहब ...
clicks 21  Vote 0 Vote  6:17am 15 Aug 2019

कविता "गुरुकुल में हम साथ पढ़े" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

अपने बाल सखाडॉ. धर्मवीर कोशत्-शत् नमन!जन्मः 01-01-1947मृत्युः 19-11-2011साथ-साथ में खेले-कूदे,साथ-साथ ही हुए बड़े।हरिद्वार की पुण्यभूमि में,गुरुकुल में हम साथ पढ़े।...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:07am 15 Aug 2019

गीत "राखी की डोरी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आया राखी का त्यौहार!!हरियाला सावन ले आया, ये पावन उपहार।अमर रहा है, अमर रहेगा, राखी का त्यौहार।।आया राखी का त्यौहार!! जितनी ममता होती है, माता की मृद...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:03am 15 Aug 2019
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