उच्चारण

दोहे "कल-कल शब्द निनाद" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

लेखन से बढ़ कर नहीं, कोई भी आनन्द।नियमित लेखन का कभी, काम न करना बन्द।।--जो लिखता है नियम से, मन के सब अनुभाव।उसके मन में शब्द का, होता नहीं अभाव।।--मानव ही तो ...
clicks 4  Vote 0 Vote  10:25am 20 Oct 2018

गीत "चहके प्यारी सोन चिरैया" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

आलोकित हो चमन हमारा।हो सारे जग में उजियारा।।दुर्गुण मन से दूर भगाओ,राम सरीखे सब बन जाओ, निर्मल हो गंगा की धारा।हो सारे जग में उजियारा।।विजय पर्व हो ...
clicks 12  Vote 0 Vote  8:03am 19 Oct 2018

दोहे "विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

विजयादशमी ने दिया, कभी हमें उपहार।अच्छाई के सामने, गयी बुराई हार।।--विजयादशमी विजय का, पावन है त्यौहार।आज झूठ है जीतता, सत्य रहा है हार।।--रावण के जब बढ़ गय...
clicks 10  Vote 0 Vote  11:07am 18 Oct 2018

दोहे "मन के मैले पात्र" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

त्यौहारो की शृंखला, लाते हैं नवरात्र।।साफ कीजिए नित्य ही, मन के मैले पात्र।।अगर आचरण शुद्ध हो, उज्जवल रहे चरित्र।प्रतिदिन तन के साथ में, मन भी रहे पवि...
clicks 12  Vote 0 Vote  10:04am 17 Oct 2018

दोहे "विद्वानों के वाक्य" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

छन्दों का जिनको नहीं, लेशमात्र भी ज्ञान।नहीं परोसें छन्द में, निज मन का विज्ञान।।छन्द नहीं जो जानते, सुन लो एक सुझाव।मुक्तछन्द में ही रचो, निज मन के अनुभ...
clicks 14  Vote 0 Vote  10:47am 16 Oct 2018

ग़ज़ल "मुफ़लिसी के साए में अपना सफ़र चलता रहा" (गुरु सहाय भटनागर 'बदनाम')

मित्रों!आज श्रद्धाञ्जलि के रूप में अपने अभिन्न मित्रस्व. गुरु सहाय भटनागर 'बदनाम'की एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँआदमी फिर ज़िन्दगी के बोझ से मरता रह...
clicks 20  Vote 0 Vote  3:57pm 15 Oct 2018

दोहे "कृपा करो अब मात" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जन्म हिमालय पर लिया, नमन आपको मात।शैलसुता के नाम से, आप हुईं विख्यात।। कठिन तपस्या से मिला, ब्रह्मचारिणी नाम।तप के बल से पा लिया, शिवशंकर का धाम।। चन्...
clicks 14  Vote 0 Vote  8:28am 14 Oct 2018

वन्दना "मनके मनकों को तुम, माता उज्जवल कर दो" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

माँ मेरी रचना में, कुछ शब्द सरल भर दो।गीतों के सागर से, सब दूर गरल कर दो।। दिन-रात तपस्या कर, मैंने पूजा तुमको,जीवन भर का मेरा, संधान सफल कर दो।गीतो...
clicks 12  Vote 0 Vote  7:37am 13 Oct 2018

गीत "अपना भारत देश महान" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

जब होगा अपने भारत में, उन्नत-सबल किसान।तब जग का शिरमौर बनेगा, अपना हिन्दुस्तान।।भ्रष्टाचारी जब खेतों में, कंकरीट नहीं बोयेंगे,गट्ठर बाँध अन्न की ज...
clicks 14  Vote 0 Vote  3:37pm 12 Oct 2018

गीत "सियासत के भिखारी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मुखौटे राम के पहने हुए, रावण जमाने में। लुटेरे ओढ़ पीताम्बर, लगे खाने-कमाने में।।दया के द्वार पर, बैठे हुए हैं लोभ के पहरे, मिटी सम्वेदना सारी, मनुज के ...
clicks 28  Vote 0 Vote  12:43pm 11 Oct 2018
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