चर्चामंच

"नागफनी के फूल" (चर्चा अंक 2791)

मित्रों! शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- दोहे   "नागफनी के फूल"   उच्चारण  -- मायके ...
clicks 6  Vote 0 Vote  4:00am 18 Nov 2017

"मुस्कुराती हुई ज़िन्दगी" (चर्चा अंक 2790)

मित्रों! तीन दिनों तक चर्चा मंच के चर्चाकार आदरणीय रविकर के पुत्र के विवाहोत्सव में पटियाला में प्रवास किया और बारात में कुछ पुराने अन्तर्जाल के साथिय...
clicks 4  Vote 0 Vote  6:38am 17 Nov 2017

नूतन भारत के निर्माता को नमन ( चर्चा - 2789 )

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है  चलते हैं चर्चा की ओर   नूतन भारत के निर्माता को नमन स्टेशन पर बाल दिवस बालदिवस के अवसर पर प्रथम प्रश्न मुख़्त...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:00am 15 Nov 2017

"कभी अच्छी बकवास भी कीजिए" (चर्चा अंक 2788)

मित्रों! मंगलवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- बकवास ही कर  कभी अच्छी भी  कर लिया कर  उ...
clicks 9  Vote 0 Vote  3:00am 14 Nov 2017

"जन-मानस बदहाल" (चर्चा अंक 2787)

मित्रों! सोमवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- दोहे   "जन-मानस बदहाल"   उच्चारण  -- इंटरल...
clicks 9  Vote 0 Vote  4:30am 13 Nov 2017

"सच कहने में कहाँ भलाई" (चर्चा अंक 2786)

मित्रों! रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- दोहे   "आपस के सम्बन्ध"   उच्चारण  -- सच ...
clicks 17  Vote 0 Vote  4:00am 12 Nov 2017

"रोज बस लिखने चला" (चर्चा अंक 2785)

मित्रों! शनिवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- खाने में जो भी स्वाद था,  सब नमक की वजह से थ...
clicks 7  Vote 0 Vote  4:00am 11 Nov 2017

"धड़कनों को धड़कने का ये बहाना हो गया" (चर्चा अंक 2784)

मित्रों! शुक्रवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- धड़कनों को धड़कने का  ये बहाना हो गया  Sahit...
clicks 0  Vote 0 Vote  4:00am 10 Nov 2017

चर्चा - 2783

आज की चर्चा में आपका हार्दिक स्वागत है  चलते हैं चर्चा की ओर \ मर्मस्पर्शी रचनाओं का संकलन-कर्मनाशा   पास नहीं कोई  थर्ड जेंडर हूँ जीतने के लिये हारना ...
clicks 18  Vote 0 Vote  5:00am 9 Nov 2017

चढ़े बदन पर जब मदन, बुद्धि भ्रष्ट हो जाय ; चर्चामंच 2782

यद्यपि सहारे बिन जिया वह लाश के ही भेष में-  रविकर   "लिंक-लिक्खाड़"  तुम रंग गिरगिट सा बदलना छोड़ दो।परिपक्व फल सा रंग बदलो अब जरा।जैसे नरम स्वादिष्ट मीठा ...
clicks 5  Vote 0 Vote  5:30am 8 Nov 2017
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