चर्चामंच

"गीत-ग़ज़लों का तराना, गा रही दीपावली" (चर्चा अंक4233)

 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक और भुमिका आदरणीय शास्त्री सर जी की रचना से)दीप खुशियों के जलाओ, आ रही दीपावली।रौशनी...
clicks 71  Vote 0 Vote  12:01am 31 Oct 2021

'चाँद और इश्क़'(चर्चा अंक4231)

 सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ. मनोज कायल जी की रचना 'चाँद और इश्क़' से -जोरों से दिल हमारा भी खिलखि...
clicks 67  Vote 0 Vote  12:01am 29 Oct 2021

'एक सौदागर हूँ सपने बेचता हूँ'(चर्चा अंक4230)

 सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।  शीर्षक व काव्यांश आ. दिगंबर नासवा जी की रचना 'एक सौदागर हूँ सपने बेचता हूँ'से -सच खबर ... अफ...
clicks 61  Vote 0 Vote  12:01am 28 Oct 2021

'मौन मधु हो जाए'(चर्चा अंक-4219)

सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है।   शीर्षक व काव्यांश छायावादी युग के सशक्त हस्ताक्षर सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जी की रच...
clicks 49  Vote 0 Vote  5:54am 16 Oct 2021

"पाप कहाँ तक गंगा धोये"(चर्चा अंक 4215)

सादर अभिवादन आज की प्रस्तुति में आपका हार्दिक स्वागत है (शीर्षक आदरणीय जयकृष्ण तुषार जी की रचना से )हमारे पापों को धोते-धोते तो गंगा माँ खुद मैली हो ग...
clicks 72  Vote 0 Vote  12:01am 12 Oct 2021

"एक दीप पूर्वजों के नाम" (चर्चा अंक-4208)

सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक आदरणीया  जिज्ञासा जी की रचना से)हर साल 15 दिन का "पितृपक्ष"हमें हमारे पितरों की या...
clicks 126  Vote 0 Vote  12:01am 5 Oct 2021

'जहाँ एक पथ बन्द हो, मिले दूसरी राह' (चर्चा अंक-4207)

शीर्षक पंक्ति: आदरणीय रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक'जी की रचना से।                                              सादर अभिवादन। सोमवारीय प...
clicks 149  Vote 0 Vote  12:01am 4 Oct 2021

'ईश्वर के प्रांगण में '(चर्चा अंक-4191)

सादर अभिवादन। आज की प्रस्तुति में आपका स्वागत है। शीर्षक व काव्यांश आ.अरुण चंद्र राय जी की रचना से -ईश्वर के प्रांगण में प्रस्तरों पर उत्कीर्...
clicks 53  Vote 0 Vote  12:01am 18 Sep 2021

"राजभाषा के 72 साल : आज भी वही सवाल ?" (चर्चा अंक-4188)

प्रिय ब्लॉगर मित्रों।बुधवार की चर्चा में आपका स्वागत है।--देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।--गीत "अपनी भाषा हिन्दी" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')--भारतमात...
clicks 120  Vote 0 Vote  12:01am 15 Sep 2021

"हिन्द की शान है हिन्दी हिंदी"(4187)

 सादर अभिवादनआज की प्रस्तुति में आप सभी का हार्दिक स्वागत है(शीर्षक और भूमिका आदरणीया सुजाता प्रिया जी की रचना से )"भारत मां के माथे की,चमकती-सी है यह बि...
clicks 69  Vote 0 Vote  12:01am 14 Sep 2021
 
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