कुछ विशेष...

कथा "मीराँबाई पर विशेष"

कभी-कभी कुछ चीज़े विशेष होती हैं, और आपसे लिखवाकर ही दम लेती हैं, ज़िक्र होना भी चाहिए, किसी भी रचना को लिखने के बाद, या पुस्तक के प्रकाशन के बाद उस पर पाठक का ह...
clicks 42  Vote 0 Vote  7:19pm 5 Feb 2020

दोस्ती जब भी कीजिए...

दोस्ती जब भी किसी से की जाए, पहले जांच परख ली जाए, जांच लिया जाए कि आपने जिससे दोस्ती की है उसे आप पर भरोसा है भी कि नहीं, यह भी देख लिया जाए कि वह आपकी निस्वार...
clicks 1  Vote 0 Vote  9:33pm 1 Dec 2019

दिल्ली वाले दिल हार आए... उज्जैन यात्रा

कालों के काल महाकाल की नगरी उज्जैन जाने का अवसर मिला। यूं तो ज्ज्जैन के कई नाम हैं मुख्यरूप से उज्जैन को उज्जयिनी के नाम से पुकारते हैं। उज्जैन आज भी भारत...
clicks 46  Vote 0 Vote  11:44pm 10 Sep 2019

कोमल बचपन पर कठोर होती दुनिया...

कोमल बचपन पर कठोर होती दुनिया...हर 8 वें मिनिट में एक बच्चा गायब हो रहा है...नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का यह आँकड़ा हमें डराता है, सावधान करता है औ...
clicks 56  Vote 0 Vote  3:26pm 11 Aug 2018

हरिद्वार ऋषिकेश यात्रा एक एड्वेंचर...

सबसे पहली बात तो यही आश्चर्य करती है कि हरिद्वार, ऋषिकेश जैसे तीर्थ स्थल पर एडवेंचर्स जैसा क्या होगा, जब भी किसी से पूछा था कि तुम चलोगे बस एक ही जवाब मिला, ...
clicks 104  Vote 0 Vote  9:51pm 22 Aug 2017

वीर सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी

कलम की ताकत कभी तलवार से कम नहीं रही है, आज हम बात कर रहे हैं गणेश शंकर विद्यार्थी की, जिन्होनें अपनी कलम की ताकत से अंग्रेज़ी शासन की नींव हिला दी थी।26 अक्टू...
clicks 146  Vote 0 Vote  1:51pm 15 Aug 2016

सरदार वल्लभ भाई पटेल को हमारा कोटि-कोटि प्रणाम

आज हम उस लौह पुरूष की बात कर रहे हैं जो राष्ट्रीय एकता के अद्भुत शिल्पी थे, जिनके ह्रुदय में भारत बसता था,जो किसान की आत्मा कहे जाते थे... जी हाँ ऎसे थे स्वतं...
clicks 114  Vote 0 Vote  1:45pm 15 Aug 2016

वीर सेनानी मंगल पांडे

आज हम जिन्हेंयाद कर रहे हैं उन वीर सेनानी को 1857 की क्रांति का पहला शहीद सिपाही कहा जाता है। भारत की आज़ादी की पहली लड़ाई छेड़ने वाला ये वीर बहादुर सिपाही कोई औ...
clicks 145  Vote 0 Vote  1:37pm 15 Aug 2016

ज्ञान जी को एक पत्र

आज ज्ञान चतुर्वेदी जी का जन्म-दिन है, उनके जन्म-दिवस पर सब कुछ न कुछ उपहार स्वरूप लिख रहे हैं, मैने बस उन्हें एक पत्र लिखा है... आजकल खुले पत्र का रिवाज़ सा बन ग...
clicks 152  Vote 0 Vote  7:48pm 2 Aug 2016

साहित्य अमृत में प्रकशित-- पर उपदेश कुशल बहुतेरे

साहित्य अमृत के नये अंक में पढिये मेरा एक व्यंग्य... पर उपदेश कुशल बहुतेरे, नसीहतबाज़ कहें या पर-उपदेशक इन्हें कोई फ़र्क नहीं पड़ता, आजकल ये सारे के सारे उपद...
clicks 155  Vote 0 Vote  6:11pm 7 Jul 2016
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