लम्हों का सफ़र

613. अधिकार और कर्त्तव्य

अधिकार और कर्त्तव्य   *******   अधिकार है तुम्हें   कर सकते हो तुम   हर वह काम जो जायज नहीं है   पर हमें इजाजत नहीं कि   हम प्रतिरोध करें,   क...
clicks 25  Vote 0 Vote  10:09pm 1 May 2019

612. प्रकृति (20 हाइकु)

प्रकृति (20 हाइकु)   *******   1.   प्यार मिलता   तभी खिलखिलाता   प्रकृति-शिशु।   2.   अद्भुत लीला   प्रकृति प्राण देती   संस्कृति जीती...
clicks 41  Vote 0 Vote  11:03pm 31 Mar 2019

611. जीवन मेरा (चोका)

जीवन मेरा (चोका)   *******   मेरे हिस्से में   ये कैसा सफ़र है   रात और दिन   चलना जीवन है,   थक जो गए   कहीं ठौर न मिला   चलते रहे   बस चलत...
clicks 61  Vote 0 Vote  10:18pm 28 Mar 2019

610. परम्परा

परम्परा   *******     मैं उदासी नहीं चाहती थी   मैं तो खिलखिलाना चाहती थी   आजाद पंक्षियों-सा उड़ना चाहती थी   हर रोज नई धुन गुनगुनाना चाहती थ...
clicks 39  Vote 0 Vote  5:16pm 24 Mar 2019

609. रंगों की होली (10 हाइकु)

रंगों की होली (10 हाइकु)   *******   1.   रंगो की होली   गाँठ मन की खोली   प्रीत बरसी।   2.   पावन होली   मन है सतरंगी   सूरत भोली।   3.  &n...
clicks 66  Vote 0 Vote  11:01pm 21 Mar 2019

608. स्वीकार (क्षणिका)

स्वीकार   *******   मैं अपने आप से मिलना नहीं चाहती   जानती हूँ खुद से मिलूँगी तो   जी नहीं पाऊँगी   जीवित रहने के लिए   मैंने उन सभी अनुबंधों ...
clicks 52  Vote 0 Vote  11:08pm 19 Mar 2019

607. पानी और स्त्री

पानी और स्त्री  *******   बचपन में पढ़ा -   पानी होता है रंगहीन गंधहीन   जिसे जहाँ रखा उस साँचे में ढला    खूब गर्म किया भाप बन उड़ गया   ख...
clicks 48  Vote 0 Vote  5:19pm 8 Mar 2019

606. आँख (आँख पर 20 हाइकु)

आँख (आँख पर 20 हाइकु)   *******   1.   पट खोलती   दुनिया निहारती   आँखें झरोखा।   2.   आँखों की भाषा   गर समझ सको   मन को जानो।   3.   गह...
clicks 46  Vote 0 Vote  11:53pm 19 Feb 2019

605. बसन्त (क्षणिका)

बसन्त   *******   मेरा जीवन मेरा बंधु   फिर भी निभ नहीं पाता बंधुत्व   किसकी चाकरी करता नित दिन   छुट गया मेरा निजत्व   आस उल्लास दोनों बिछुड़...
clicks 53  Vote 0 Vote  10:10pm 12 Feb 2019

604. काला जादू

काला जादू...   *******   जब भी, दिल खोल कर हँसती हूँ   जब भी, दिल खोल कर जीती हूँ   जब भी, मोहब्बत के आगोश में साँसें भरती हूँ   जब भी, संसार की सुन्दरत...
clicks 75  Vote 0 Vote  2:21pm 2 Feb 2019
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