लम्हों का सफ़र

595. अर्थ ढूँढ़ता (10 हाइकु)

अर्थ ढूँढ़ता (10 हाइकु)   *******   1.   मन सोचता -   जीवन है क्या ?   अर्थ ढूँढता।   2.   बसंत आया   रिश्तों में रंग भरा   मिठास लाया।   3.&...
clicks 15  Vote 0 Vote  7:20pm 5 Dec 2018

594. रूठना (क्षणिका)

रूठना   *******   जब भी रूठी   खो देने के भय से   खुद ही मान गई   रूठने की आदत तो   बिदाई में ही   खोइँचा से निकाल   नईहर छोड़ आई।   - जे...
clicks 25  Vote 0 Vote  10:46pm 22 Nov 2018

593. लौट जाऊँगी...

लौट जाऊँगी...   *******   कब कहाँ खो आई ख़ुद को   कब से तलाश रही हूँ ख़ुद को   बात-बात पर कभी रूठती थी   अब रूठूँ तो मनाएगा कौन   बार-बार पुकारेगा क...
clicks 25  Vote 0 Vote  12:23am 17 Nov 2018

592. रंगीली दिवाली (दिवाली पर 10 हाइकु)

रंगीली दिवाली(दिवाली पर 10 हाइकु)*******1.छबीला दीयाये रंगीली दिवालीबिखेरे छटा। 2.साँझ के दीपअँधेरे से लड़तेवीर सिपाही।3.दीये नाचतेये गुलाबी मौसमखूब सुहाते...
clicks 45  Vote 0 Vote  11:27pm 7 Nov 2018

591. चाँद की पूरनमासी...

चाँद की पूरनमासी...   *******चाँद तेरे रूप में अब किसको निहारूँ?   वो जो बचपन में दूर का खिलौना था   या फिर सफेद बालों वाली बुढ़िया   जो चरखे से रूई का...
clicks 57  Vote 0 Vote  9:40pm 24 Oct 2018

590. वर्षा (5 ताँका)

वर्षा (ताँका)   *******   1.   वर्षा की बूँदें   उछलती-गिरती   ठौर न पाती   मौसम बरसाती   माटी को तलाशती।   2.   ओ रे बदरा   इतना क्यों ब...
clicks 44  Vote 0 Vote  8:39pm 14 Oct 2018

589. अनुभूतियाँ

अनुभूतियाँ   *******   कुछ अनुभूतियाँ   आकाश के माथे का चुम्बन है   कुछ अनुभूतियाँ   सूरज की ऊर्जा का आलिंगन है   हर चाहना हर कामना   अद्भ...
clicks 28  Vote 0 Vote  1:06pm 8 Oct 2018

588. बापू (चोका)

बापू (चोका)   *******   जन्म तुम्हारा   सौभाग्य है हमारा   तुमने दिया   जग को नया ज्ञान   हारे-पिछड़े   वक्त ने जो थे मारे   दुख उनका   ...
clicks 55  Vote 0 Vote  5:18pm 2 Oct 2018

587. मीठी-सी बोली (हिन्दी दिवस पर 10 हाइकु)

मीठी-सी बोली (हिन्दी दिवस पर 10 हाइकु)   *******   1.   मीठी-सी बोली   मातृभाषा हमारी   ज्यों मिश्री घुली!   2.   हिन्दी है रोती  &...
clicks 53  Vote 0 Vote  10:55pm 14 Sep 2018

586. चाँद रोज़ जलता है

चाँद रोज़ जलता है   *******   तूने ज़ख़्म दिया तूने कूरेदा है   अब मत कहना क़हर कैसा दिखता है।   राख में चिंगारी तूने ही दबाई   अब देख तेरा घर खुद क...
clicks 60  Vote 0 Vote  7:39pm 10 Sep 2018
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