लम्हों का सफ़र

577. रंगरेज हमारा (चोका - 2)

रंगरेज हमारा   *******   सुहानी संध्या   डूबने को सूरज   देखो नभ को  नारंगी रंग फैला   मानो सूरज   एक बड़ा संतरा   साँझ की वेला   दीया-बा...
clicks 19  Vote 0 Vote  8:22pm 10 Jul 2018

576. भाव और भाषा

भाव और भाषा   *******   भाषा-भाव का   आपसी नाता ऐसे   शरीर-आत्मा   पूरक होते जैसे,   भाषा व भाव   ज्यों धरती-गगन   चाँद-चाँदनी   सूरज की ...
clicks 85  Vote 0 Vote  9:53pm 5 Jul 2018

576. भाव और भाषा (चोका)

भाव और भाषा (चोका)   *******  भाषा-भाव का   आपसी नाता ऐसे   शरीर-आत्मा   पूरक होते जैसे,   भाषा व भाव   ज्यों धरती-गगन   चाँद-चाँदनी   सूरज...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:53pm 5 Jul 2018

575. परवरिश

परवरिश...   *******  कहीं पथरीली कहीं कँटीली  यथार्थ की जमीन बंजर होती है  जहाँ ख्वाहिशों के फूल उगाना  न सहज होता है न सरल  परन्तु फूल उगाना ...
clicks 23  Vote 0 Vote  11:03pm 22 Jun 2018

574. प्यारी-प्यारी माँ (माँ पर 10 हाइकु)

प्यारी-प्यारी माँ   (माँ पर 10 हाइकु)   *******   1.   माँ की ममता   नाप सके जो कोई   नहीं क्षमता।   2.   अम्मा के बोल   होते हैं अनमोल   मत...
clicks 19  Vote 0 Vote  5:32pm 13 May 2018

573. ऐसा क्यों जीवन...

ऐसा क्यों जीवन...   *******ये कैसा सहर है   ये कैसा सफर है   रात सा अँधेरा जीवन का सहर है   उदासी पसरा जीवन का सफर है।   सुबह से शाम बीतता रहा   जी...
clicks 6  Vote 0 Vote  6:17pm 1 May 2018

572. विनती...

विनती...   *******   समय की शिला पर   जाने किस घड़ी लिखी   जीवन की इबारत मैंने   ताउम्र मैं व्याकुल रही   और वक़्त भी तड़प गया,   वक़्त को पकड़न...
clicks 25  Vote 0 Vote  8:51pm 18 Apr 2018

571. बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ...

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ...   *******   वो कहते हैं -   बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।   मेरे भी सपने थे   बेटी को पढ़ाने के   किसी राजकुमार से ब्याहने के   पर ...
clicks 50  Vote 0 Vote  5:31pm 12 Apr 2018

571. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ...

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ...   *******   वो कहते हैं -   बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ।   मेरे भी सपने थे   बेटी को पढ़ाने के   किसी राजकुमार से ब्याहने के   पर ...
clicks 15  Vote 0 Vote  5:31pm 12 Apr 2018

570. कैक्टस...

कैक्टस...  *******  एक कैक्टस मुझमें भी पनप गया है  जिसके काँटे चुभते हैं मुझको  और लहू टपकता है  चाहती हूँ  हँसू खिलखिलाऊँ  बिन्दास उड़त...
clicks 38  Vote 0 Vote  7:47pm 31 Mar 2018
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