parwaz परवाज़.....

तुम इश्क़ में भोपाल हो जाओ हम इंदौर हो जाएं

चलो हम दोनों भी इश्क़ में मशहूर हो जाएंतुम भोपाल हो जाओ, हम इंदौर हो जाएं तुम धीरे से मुस्का देना हम ताली देकर हँस देंगेतुम शायरी एक उछालना, हम बाहों में त...
clicks 47  Vote 0 Vote  1:56pm 14 Nov 2017

वो भी खुश नहीं रहते

देकर के ज़ख्म ख़ुद भी तो मरहम नहीं लेतेजो बीच राह छोड़ते हैं वो भी खुश नही...
clicks 1  Vote 0 Vote  11:37am 14 Nov 2017

देहगंध (कहानी)

वोइत्र की शीशी को दाहिने हाथ में लेती है और अपने बाएं हाथ की तरफ धीरे से बढ़ा देती है ,हथेली को उल्टा करके रुई के फाहे से उसपर खुशबू बिखेर लेती है और उस हाथ को...
clicks 1  Vote 0 Vote  7:10pm 27 Aug 2017

अन्वित

बहुत दिनों बाद ब्लॉग पर पोस्ट कर रही हूँ ..बेटे के लिए एक कविता लिखी है कितना सुन्दर है प्यारे बेटे तेरा इस जीवन में आना शीतल कोमल पूर्ण चन्द्र सा मद्धम म...
clicks 24  Vote 0 Vote  12:05am 20 Sep 2016

तेरे इस शहर के बच्चे मुझे बच्चे नहीं लगते

उतने मासूम नहीं लगते,उतने कच्चे नहीं लगते तेरे इस शहर के बच्चे मुझे बच्चे नहीं लगते जहाँ लगते थे मेले कभी गर्मी की छुट्टी में उन जगहों को अब झूले अच्छे नह...
clicks 73  Vote 0 Vote  5:12pm 17 Mar 2015

दम लगा के हईशा :तुमसे मिले दिल में उठा दर्द करारा (dam laga ke haisha :movie review)

छोटा सा, शहर गंगा का किनारा, कुछ गलियां  इन गलियों से ही अन्दर की तरफ जाती और छोटी गलियां जिनके दोनों तरफ कुछ घर, बड़ी गलियों में कुछ दुकानें और इन दुकानों ...
clicks 62  Vote 0 Vote  7:07pm 4 Mar 2015

प्यार सच में पागल बना देता होगा न ? पता नहीं

मैं हमेशा से तुम्हे लिखना चाहती थी और  लिखना चाहती थी खुद को. लिखते लिखते जी लेना चाहती थी पर न जाने क्यों लिखते लिखते खो जाना इतना आसान नहीं , मैं ज़हर लिख...
clicks 76  Vote 0 Vote  5:52pm 30 Jan 2015

लोग तो लाखों है पर , क्या थोड़े से भी इंसान है ( A song)

आज कई दिन बाद ब्लॉग पर एक पोस्ट … इसे  कविता की जगह एक ऑफबीट सांग कहना ज्यादा बेहतर होगा … कोशिश कैसी है बताइयेगा …… कोई हमको ये बताए क्यों ये अंधी दौड़...
clicks 68  Vote 0 Vote  2:51pm 7 Jan 2015

हत्यारे...एक जैसे हत्यारे ....

बात ये नहीं की तुमने उसे कहाँ कैसे माराबात ये भी नहीं की मार देने के बादतुम्हें कितना अहसास हुआ की तुमने मार दिया ...मार दिया एक बच्ची को माँ के पेट मेंमार द...
clicks 57  Vote 0 Vote  7:32pm 25 Jun 2014

बस कह ही नहीं पाता हूँ मुझको तुमसे कितना प्यार है

एक ऐसी कविता जिसे कोई पुरूष लिखता तो बेहतर लिखता ज्यादा शिद्दत से लिखता...पर मैंने लिखी...लोग कहते हैं नारी का मन पढ़ा नहीं जा सकता..पर सच ये है कि पुरूष का मन ...
clicks 67  Vote 0 Vote  3:00pm 23 Apr 2014
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