मन पाए विश्राम जहाँ

वह मन को ख्वाब दे

वह मन को ख्वाब दे खोया हुआ सा लगता  खोया नहीं है जो, जिसे पाने की तमन्ना पाया हुआ है वो ! वही श्वास बना तन में जीवन को आंच दे,वही दौड़ता लहू संग  वह मन को ख्वा...
clicks 7  Vote 0 Vote  10:48am 14 Apr 2021

वर्षा थमी

वर्षा थमी पंछी छोड़ नीड़ निज चहकें मेह थमा निकले सब घर से, सूर्य छिपा जो देख घटाएँ चमक रहा पुनः चमचम नभ में !जगह जगह छोटे चहबच्चे फुद्कें पंछी छपकें बच्चे, ...
clicks 31  Vote 0 Vote  3:30pm 5 Apr 2021

अमृत स्रोत सी

अमृत स्रोत सीएक दिन नहीं वर्ष के सारे दिन हमारे हैं,हर घड़ी, हर पल-छिन हमने जगत पर वारे हैं !माँ सी ममता छिपी नन्ही बालिका में जन्मते ही बहना के दुलार का मूर...
clicks 21  Vote 0 Vote  11:18am 8 Mar 2021

आने वाला है महिला दिवस

आने वाला है महिला दिवस मात्र नारी शक्ति का प्रतीक नहीं है बल्कि  याद दिलाता है यह दिवस कि अभी भी हो रहे हैं उनपर अत्याचार इक्कसवीं सदी में भी हो रहा है आए ...
clicks 47  Vote 0 Vote  3:59pm 4 Mar 2021

मन सुमन बना खिलना चाहे

मन सुमन बना खिलना चाहे इस पल में कल को ले आना बीती बात को दोहराना दिलों की पुरानी आदत है !जीवन प्रतिक्षण कुछ और बने रहो गतिशील बस यही कहे मुड़ देखे, मन की चा...
clicks 57  Vote 0 Vote  10:58am 3 Mar 2021

दूजा निज आनंद में डूबा

दूजा  निज आनंद में डूबापंछी दो हैं एक बसेरा एक उड़े दूसरा चितेरा, निज प्रतिबिम्ब से चोंच लड़ाताकभी जाल में भी फंस जाता !कड़वे मीठे फल भी खाये बार-बार खाकर पछ...
clicks 44  Vote 0 Vote  11:00am 22 Feb 2021

जो बरसती है अकारण

जो बरसती है अकारण छू रहा है मखमली सा परस कोई इक अनूठा, बह रहा ज्यों इक समुन्दर आए नजर बस छोर ना !काँपते से गात के कण लगन सिहरन भर रही हो, कोई सरिता स्वर्ग से ...
clicks 48  Vote 0 Vote  9:01am 20 Feb 2021

उसे बहने दो

उसे बहने दोवह बहना चाहता है निर्विरोध निर्विकल्प हमारे माध्यम से प्रेम और आनंद बन पाहन बन यदि रोका उसका मार्ग तो वही बहेगा रोष और विषाद बनकर !वह हजार-हज...
clicks 63  Vote 0 Vote  10:36am 15 Feb 2021

शरण गए बिन बात न बनती

शरण गए बिन बात न बनती अंधकार मन का जो हरता ज्ञान मोतियों से उर भरता उसकी महिमा कही न जाती गुरुद्वार पर भीड़ उमड़ती शरण गए बिन बात न बनती शरण गए बिन बात न बनत...
clicks 36  Vote 0 Vote  10:56am 10 Feb 2021

नाविक भी हो मीत पुराना

नाविक भी हो मीत पुरानासुख का सागर सभी चाहते दुःख के ग्राह वहीं रहते हैं,नैया एक अगर पा जाएँ उस तट पहुँचें यह कहते हैं !हो नाव में सुराख़ न कोई नाविक भी हो मी...
clicks 44  Vote 0 Vote  2:18pm 8 Feb 2021
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