रूप-अरूप

नहीं आते...

“है गिरफ़्त में अब ख़िजाँ, कुछ याद नहीं उनकोमैं बैचेन फ़लक ज़ाकिर, वो जाके नहीं आते....”...
clicks 72  Vote 0 Vote  9:36pm 8 Apr 2019

कुसुमेश्‍वर महादेव (उज्‍जैन)

महाकाल के दर्शन के लि‍ए उज्‍जैन हम अक्‍सर जाते हैं। क्‍या आपको मालूम है कि‍ इस नगरी में महादेव के 84 मंदि‍र हैं। इस श्रृखंला में 38वें नंबर पर आता है कुसुमे...
clicks 76  Vote 0 Vote  5:36pm 4 Mar 2019

कह पाती ...

कह पाती उस तरह तो आज भी कहती मगरन तुम रहे उस क़ाबिल औरन मैं रही अब वैसी मासूम.......
clicks 26  Vote 0 Vote  8:48pm 21 Feb 2019

पल्लव नया....

मन के अरण्य में स्मृतियों की बंजर हथेली परसूखे- झरे पात हैंएक-एक करचुन लूँबिखरी यादों कोइस उदास मौसम मेंपतझड़ के आख़री पत्ते की तरहऔर गुनगुनाती धूप मे...
clicks 68  Vote 0 Vote  8:13pm 15 Feb 2019

तुम्हें खो देती....

आज फिर तेरी याद आयी...बेतरह आयी...इतनी कि सम्भाली न गयी और आँसुओं से अपना ही दामन तर हो गया।तू बिछड़ा है तो क़ुसूर मेरा है ना ..तू तो जाने कब से बता रहा था मुझे क...
clicks 80  Vote 0 Vote  9:27pm 12 Feb 2019

मैकलुस्‍कीगंज..... जि‍ंदा है अब भी

उम्र कुछ भी हो...आंखों में कुछ सपने सदा वैसे ही रहते हैं, जैसे बचपन में देखा हुआ आकाश का चांद या नदी में लगाई छलांग...या कुछ आदतें, जो परि‍स्‍थि‍तयों की नहीं, ज...
clicks 74  Vote 0 Vote  9:27pm 11 Feb 2019

मैं मुक्त हूँ, तुम मुक्त हो ..

मैं मुक्त हूँ, तुम मुक्त हो ..निकल आओइस जन्म-मृत्यु के चक्र सेलगा लो डुबकी प्रयाग में कर लो संगम स्नानले जाओ मेरी यादेंहड्डियों की तरह, राख की तरहकर दो प्...
clicks 77  Vote 0 Vote  8:26pm 1 Feb 2019

प्रेम बचा रहे .....

बहती रही धार में...जाने कब से। कई बार कि‍नारे की तरफ जाने को सोचा भी....मगर डर लगता रहा...क्‍या पता डूब ही जाऊं....बेहतर है, बहती चलूं धार के साथ....थपेड़े बर्दाश्‍...
clicks 71  Vote 0 Vote  8:37pm 31 Jan 2019

आवाज की तलब.....

दर्द झेलना बहुत मुश्‍कि‍ल होता है..खासकर तब, जब यह दर्द दि‍ल को घायल करने के बाद मन से तन में उतरने लगता है.....मन और तन की तकलीफ साथ-साथ तंग करती है तो समझ नहीं ...
clicks 71  Vote 0 Vote  2:01pm 30 Jan 2019

यादों की जागीर .....

आज फि‍र पूर्णिमा है....जाने इन दि‍नों चांद का मुझसे कैसा नाता हो गया है...मैं समुद्र तो नहीं....मगर चांद रातों में ज्‍वार उठता है मेरे अंदर...सब उथल-पुथल।पौष पू...
clicks 86  Vote 0 Vote  9:54pm 21 Jan 2019
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013