रूप-अरूप

कोई रंग....

स्मृतियों में बसी होती है कोई सुगंध, कोई रंगगुज़र कर भी कहाँ गुजरता है सब कुछ जीवन से........
clicks 19  Vote 0 Vote  8:08pm 2 May 2020

रात....

एक चाँद, एक सितारा और बस खिड़की भर रौशनी कैसी अद्भुत रात आयी है......
clicks 18  Vote 0 Vote  8:59pm 1 May 2020

गोधूली बेला.....

1.आकाश धुँधलायागौ के खुरों से उड़ रही धूलटिटकारी सुनसीध में आ गई बकरियाँचट-चट कर लहकने लगासब घरों का चूल्हा2.स्मृतियों में बसी होती हैगोधूली बेलाऔरगोधूल...
clicks 30  Vote 0 Vote  4:31pm 29 Apr 2020

समय ...

समय यहकठिन है भी तो क्याफिर बैठूँगीशिरीष, एक दिनतुम्हारी छाँव तले...
clicks 8  Vote 0 Vote  1:36pm 28 Apr 2020

शिव को प्रिय है चम्पा...

शिव को प्रिय है चम्पा...मगर नारद के श्राप के कारण उन्हें अर्पित नहीं किया जाता ...किवंदती है कि एक बार नारद को पता चला कि एक ब्राह्मण ने अपनी बुरी इच्छाओं की ...
clicks 62  Vote 0 Vote  4:48pm 2 Mar 2020

मन चुनता है....

धूप सुहाती है तन कोसन्नाटे में कोई गुनगुन करता हैबिखरी पड़ी स्मृतियों कोझरे पत्तों की तरह मन चुनता है...
clicks 44  Vote 0 Vote  5:15pm 28 Feb 2020

बुझ रही है शाम ...

बेहद सर्द और उदास है शाम आजदूर तक है नहीं कोई पास आजकिसका रास्ता देखूँ, कौन आएगायादों में उसकी बुझ रही है शाम आज...
clicks 44  Vote 0 Vote  5:00pm 11 Feb 2020

चला गया होगा ....

क्यों उदास रहते हो सर्दियों की शामों मेंजाने वाला दूर, बहुत दूर चला गया होगा .......
clicks 50  Vote 0 Vote  9:15pm 9 Feb 2020

स्त्री नदी होती है ......

वो अलगनी से सूखे कपड़े उतार कर ढेर लगाती जा रही थी...अपनी ही सोच में गुम। वो चुपचाप कपड़ों की तह लगा रहा था। जाने कौन सी व्यथा मथ रही थी अंदर-अंदर कि निढाल सी ...
clicks 76  Vote 0 Vote  1:00pm 27 Jan 2020

बाँहें ....

ये डालियाँ नहींबाँहें हैं,जिन्होंने थाम रखा है सूरज कोकि, ना जाओअभी उजाले की और ज़रूरत है हमें......
clicks 73  Vote 0 Vote  12:32pm 21 Jan 2020
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C [ FULL SITE ]

Copyright © 20018-2019