रूप-अरूप

लद्दाख :- दि‍स्‍कि‍त मठ

 हम एक बार फि‍र दि‍स्‍कि‍त मठ की आेर थे। आज कि‍स्‍मत अच्‍छी थी। दलाई लामा थे वहाँ पर आज नीचे उनका सम्‍मेलन था। मठ तक गाड़ी चली गई। मठ दूर से ही बहुत खू...
clicks 5  Vote 0 Vote  12:46pm 23 May 2018

लद्दाख :- अद्भुुुत है नुब्रा घाटी

थोड़ी देर बाद ही हम नुब्रा मेें थे। जि‍म्‍मी का कहना था कि‍ पहले हमें ठहरने का इंतजाम कर लेना चाहि‍ए तब हमलोग ऊँट की सवारी करने चलेंगे। उसकी बात मान ह...
clicks 11  Vote 0 Vote  2:52pm 21 May 2018

लद्दाख : श्‍योक नदी के कि‍नारे-कि‍नारे

 हम नुब्रा की ओर बढ़ रहे थे। लेह से इसकी दूरी 130 कि‍लोमीटर है। यह समुद्रतल से 10,000फुट की ऊँचाई पर स्‍थि‍त है। इसे लद्दाख का बाग भी कहते हैं।  हमार...
clicks 19  Vote 0 Vote  9:36pm 19 May 2018

लद्दाख : श्‍योक नदी कि‍नारे से लद्दाख के बाग की ओर

 हम नुब्रा की ओर बढ़ रहे थे। लेह से इसकी दूरी 130 कि‍लोमीटर है। यह समुद्रतल से 10,000फुट की ऊँचाई पर स्‍थि‍त है। इसे लद्दाख का बाग भी कहते हैं।  हमार...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:36pm 19 May 2018

लद्दाख :- दुनि‍या की सबसे ऊंची जगह खारदुंगला पास

सुबह उठकर हमलोग नुुबरा के लि‍ए नि‍कले। रास्‍ते में ही खारदुंगला पड़ता है। सर्पीला रास्‍ता, खि‍ली धूप और हरि‍याली। दूर तक शांति‍ स्‍तूप दि‍खता रहा। बह...
clicks 8  Vote 0 Vote  12:22pm 18 May 2018

लद्दाख :- शांति‍ स्‍तूप की आकर्षक शाम और बाजार

जब हम होटल से नि‍कले तो रास्‍ते मेें लेेेह महल मि‍ला। मगर ड्राइवर का कहना था कि‍ लोग ढलती शाम को शांति‍ स्‍तूप देखना पसंद करते हैं। इसलि‍ए शाम होने से प...
clicks 10  Vote 0 Vote  1:47pm 17 May 2018

लद्दाख :- भूरे पहाड़ों ने कहा 'जुले-जुले'

जहाज से उतरते ही पाया कि‍ यह क्षेत्र सैनि‍क छावनी है। छोटा सा एयरपोर्ट जि‍सका नाम है ' कुशेक बकुला रि‍नपोछे टर्मिनल, लेह'। लेह हवाई अड्डा मुख्यतः ...
clicks 11  Vote 0 Vote  3:11pm 15 May 2018

लद्दाख :- भूरे पहाड़ों ने कहा 'जुले-जुले' ....

जहाज से उतरते ही पाया कि‍ यह क्षेत्र सैनि‍क छावनी है। छोटा सा एयरपोर्ट जि‍सका नाम है ' कुशेक बकुला रि‍नपोछे टर्मिनल, लेह'। लेह हवाई अड्डा मुख्यतः ...
clicks 0  Vote 0 Vote  3:11pm 15 May 2018

ऐसे में कैसे मनाएं मदर्स डे ?

आज मदर्स डे है। मातृ दि‍वस अर्थात मां के लि‍ए नि‍र्धारि‍त दि‍न। अब हम सब के लि‍ए यह खास दि‍न बन गया है क्‍योंकि‍ हर कि‍सी को अपनी मां से वि‍शेष लगाव और प्‍...
clicks 9  Vote 0 Vote  12:38pm 13 May 2018

छांव-छांव कहाँ चलता है कोई ...

अपने हिस्से का रो लियाचुप के,छुप केसमझा लिया ख़ुद कोकि कहावतें यूँ ही नहीं बनतीजीवन का अनुभव होता है इनमेंसमझते थेजो दिल में रहते हैंवो कहीं भी रहे, दूर न...
clicks 20  Vote 0 Vote  12:55pm 11 May 2018
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