MEGHnet

It is enough - इतना काफ़ी है

धरती के इतिहास में इंसान का धरती पर चलना बहुत पुरानी घटना नहीं है. भाषा का विकास, धर्म का उदय, उधार लेने का प्रचलन, पूंजी निर्माण और पूँजीवाद को तो एकदम आधु...
clicks 12  Vote 0 Vote  7:02am 15 Nov 2017

Myth of Sudama - सुदामा का मिथ

कृष्ण और सुदामा का प्रसंग जो भक्ति साहित्य ने दिया है वो भावुकता भरा है इसीलिए अविश्वसनीय है. एक शक्तिशाली राजा अपने पुराने सहपाठी (क्लासफैलो) की आवभगत क...
clicks 0  Vote 0 Vote  6:20am 7 Nov 2017

Advocate Hans Raj Bhagat - Some records - एडवोकेट भगत हंसराज - कुछ रिकार्ड

श्री आर एल गोत्रा जी ने ही सबसे पहले एडवोकेट हंसराज भगत जी के बारे में जो बताया था वो मैंने यहाँदर्ज कर दिया था. जो छुटपुट बातें अन्य से प्राप्त हुई उसे भी ...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:25am 2 Nov 2017

Were the Meghs Asuras? - क्या मेघ असुर थे?

जब मैं छठी क्लास में गया तब 'दैनिक हिंदुस्तान'अखबार पढ़ने की आदत पड़ गई. साथ ही स्कूली सिलेबस, अन्य पुस्तकों और कॉमिक्स आदि के ज़रिए रामायण, महाभारत और पौर...
clicks 7  Vote 0 Vote  10:24pm 8 Oct 2017

From Mohanjodaro to Melukhkh - मोहनजोदड़ो से मेलुख्ख तक

कोई भी ज्ञान कभी अंतिम नहीं होता. लगातार पढ़ने, लिखने और शोध करने से उसमें वृद्धि और समृद्धि होती है. जिसे हम कभी 'सिंधुघाटी सभ्यता'के नाम से पढ़ते थे उसे आ...
clicks 2  Vote 0 Vote  9:18am 27 Sep 2017

Megh Matrimonial - मेघ मैट्रिमोनियल

जब से मेघ समाज में शिक्षा का लेवल बढ़ा है तब से शादियों के लिए रिश्ते ढूंढने में लोगों को कठिनाई महसूस होने लगी है.  यह कठिनाई तब से और बढ़ी है जब से सरकार...
clicks 2  Vote 0 Vote  10:27am 23 Sep 2017

Social boycott, A Social Evil - सामाजिक बहिष्कार, एक सामाजिक बुराई

कबीलाई संसार में सामाजिक बहिष्कार की सज़ा को सबसे बड़ी सज़ा माना जाता था. वैसे तो दुनिया के कुछ भागों में पत्थर मार-मार कर मार डालने या ऐसी ही अमानवीय सज़...
clicks 1  Vote 0 Vote  8:09am 17 Sep 2017

A reference from Dr. Naval Viyogi - डॉ. नवल वियोगी से एक संदर्भ

श्री एन.सी. भगत ने कई वर्ष तक ऑल इंडिया मेघ सभा की पत्रिका ‘मेघ चेतना’’ का कार्यभार देखा है और पत्रिका को चलाए रखा है. उनसे डॉक्टर नवल वियोगी की पुस्तक ‘Nagas - T...
clicks 2  Vote 0 Vote  4:49am 1 Sep 2017

Bahujan Media - बहुजन मीडिया

पिछले दो दशकों के दौरान लगातार सुनने में आता रहा कि दलित साहित्य की एक अलग श्रेणी बन रही है. फिर दलित साहित्य अकैडमी की बात भी चली. इसके अतिरिक्त दलित साहि...
clicks 17  Vote 0 Vote  11:23am 15 Aug 2017

एक और पड़ाव

मुश्किल तो है पर ऐसी मुश्किल भी नहीं जिसका अनुमान न लग सके या उसे जीया ना जा सके. शरीर एक तरफा (वन वे) टिकट लेकर आया हुआ है उसी दिशा में उसे बढ़ना है. लौटने का ...
clicks 6  Vote 0 Vote  4:26am 11 Aug 2017
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013