चिकोटी

अंदर का रावण

मैंनहीं चाहता मेरे अंदर का रावण मरे! मैं उसे हमेशा जिंदा रखना चाहता हूं। वो जिंदा रहेगा तो दुनिया के आगे मेरा कमीनापन उजागर करता रहेगा। मुझे भरे बाजार नं...
clicks 10  Vote 0 Vote  9:20am 19 Oct 2018

चिंता कीजिए, मस्त रहिए

जबमेरे कने करने को कुछ खास नहीं होता, तब मैं सिर्फ 'चिंता'करता हूं। 'चिंता'मुझे 'चिंतन'करने से कहीं बेहतर लगती है! मुद्दा या मौका चाहे जो जैसा हो, मैं चिंता क...
clicks 16  Vote 0 Vote  12:15pm 13 Oct 2018

'मी टू'की बहस के बीच 'मी टू'

हालांकिऐसा कुछ है नहीं फिर भी सचेत तो रहना पड़ेगा न। जब से 'मी टू'से जुड़े किस्से कब्र से बाहर आए हैं, मेरा बीपी थोड़ा बढ़-सा गया है। बचपन से लेकर अब तक की गई अपनी ...
clicks 23  Vote 0 Vote  2:43pm 12 Oct 2018

इतना बुरा भी नहीं भूलना

हालांकिअभी मैं उस भूलने-भालने वाली उम्र में नहीं मगर फिर भी भूलने लगा हूं। कभी भी कुछ भी कैसे भी भूल जाता हूं। दो-चार दफा तो अपने घर का पता ही भूल चुका हूं। ...
clicks 11  Vote 0 Vote  12:17pm 12 Oct 2018

बिग बॉस का घर

मनुष्यमूलतः दोगली प्रजाति प्राणी है। दोगलापन उसकी नस-नस में बसा है। सामने कुछ और पीठ पीछे कुछ। दिनभर में जब तक दो-चार बातें इधर की उधर, उधर की इधर कर नहीं ल...
clicks 20  Vote 0 Vote  1:03pm 29 Sep 2018

सब जादू-टोने का असर है

अभीरुपए की फिसलन रुक नहीं पाई, उधर तेल की बढ़ी कीमत अलग आग लगा रही है। विरोध का फोकस कभी रुपए पर केंद्रित हो जाता है तो कभी तेल पर। सरकार परेशान है, करे तो क्य...
clicks 20  Vote 0 Vote  4:07pm 28 Sep 2018

इंस्टाग्राम पर शायरी

इधर, मुझ इंस्टाग्राम पर शायरी करने का भूत सवार हुआ है। लोग फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप पर शेर कह रहे हैं, मैंने सोचा क्यों न मैं इंस्टाग्राम पर शायरी करूं। य...
clicks 29  Vote 0 Vote  10:13am 21 Sep 2018

72 पर टिका रुपया

डॉलरने एक दफा फिर से रुपए को टंगड़ी मार गिरा दिया है। रुपया 71 के स्तर पर चारों खाने चित्त पड़ा है। बड़ी उम्मीद से वो सरकार और रिजर्व बैंक की तरफ देख रहा है; कोई ...
clicks 35  Vote 0 Vote  11:17am 19 Sep 2018

कटी नाक का सुख

आईनानिहारने का मुझे शौक नहीं। मजबूरीवश निहारता हूं ताकि अपनी नाक को देख सकूं।चेहरे पर नाक मेरी मजबूरी है। आईने में अपनी साबूत नाक देखकर परेशान हो जाता ह...
clicks 68  Vote 0 Vote  12:09pm 29 Aug 2018

पर्सनल नार्मल के बीच फंसे हम

नॉर्मललोग बड़ी आसानी से मिल जाते हैं। पर्सनल लोग खोजे नहीं मिल पाते। जीवन में घटने वाली तमाम घटनाओं के साथ जितना उम्दा सामंजस्य नार्मल लोग बैठा लेते हैं, ...
clicks 33  Vote 0 Vote  9:51am 28 Aug 2018
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