सुख का सूरज

गीत "आता है जब नवसंवतसर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

--जब बसन्त का मौसम आता,गीत प्रणय के गाता उपवन।मधुमक्खी-तितली-भँवरे भी,खुश हो करके करते गुंजन।।--आता है जब नवसंवतसर,मन में चाह जगाता है,जीवन में आगे बढ़ने क...
clicks 159  Vote 0 Vote  12:00pm 24 Mar 2020

“फागुन सबके मन भाया है” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री मयंक')

होली आई, होली आई,गुजिया, मठरी, बरफी लाई   मीठे-मीठे शक्करपारे,सजे -धजे पापड़ हैं सारे,चिप्स कुरकुरे और करारे,दहीबड़े हैं प्यारे-प्यारे,  तन-मन में म...
clicks 564  Vote 0 Vote  9:34am 6 Mar 2015

“लोभ-लालच डस रहे हैं” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

कभी कुहरा, कभी सूरज, कभी आकाश में बादल घने हैं।दुःख और सुख भोगने को, जीव के तन-मन बने हैं।।आसमां पर चल रहे हैं, पाँव के नीचे धरा है,कल्पना में पल रहे हैं, सामन...
clicks 534  Vote 0 Vote  11:51am 12 Jan 2015

""टूटा स्वप्न-गीत" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे गाँव, गली-आँगन में, अपनापन ही अपनापन है।देश-वेश-परिवेश सभी में, कहीं नही बेगानापन है।।घर के आगे पेड़ नीम का, वैद्यराज सा खड़ा हुआ है।माता जैसी ...
clicks 550  Vote 0 Vote  7:13pm 30 Sep 2014

"ग़ज़ल-आइने की क्या जरूरत" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

रूप इतना खूबसूरतआइने की क्या जरूरतआ रहीं नज़दीक घड़ियाँजब बनेगा शुभमुहूरतबैठकर जब बात होंगीदूर होंगी सब कुदूरतलाख पर्दों में छुपाओछिप नहीं पायेगी सू...
clicks 517  Vote 0 Vote  5:50pm 16 Aug 2014

"रिश्ते और प्यार बदल जाते हैं" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे काव्य संग्रह "सुख का सूरज"सेएक गीत"रिश्ते और प्यार बदल जाते हैं"युग के साथ-साथ, सारे हथियार बदल जाते हैं।नौका खेने वाले, खेवनहार बदल जाते हैं।।प्यार ...
clicks 600  Vote 0 Vote  4:53pm 4 Jul 2014

"आज से ब्लॉगिंग बन्द" (डॉ. रूपचंद्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों।फेस बुक पर मेरे मित्रों में एक श्री केवलराम भी हैं। उन्होंने मुझे चैटिंग में आग्रह किया कि उन्होंने एक ब्लॉगसेतु के नाम से एग्रीगेटर बनाया है...
clicks 544  Vote 0 Vote  11:01am 24 Jun 2014

"कुछ प्यार की बातें करें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे काव्य संग्रह "सुख का सूरज"सेएक ग़ज़ल"कुछ प्यार की बातें करें"ज़िन्दगी के खेल में, कुछ प्यार की बातें करें।प्यार का मौसम है, आओ प्यार की बातें करें।।...
clicks 527  Vote 0 Vote  6:04pm 6 Jun 2014

"जीत के माहौल में क्यों हार की बातें करें" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे काव्य संग्रह "सुख का सूरज"सेएक ग़ज़ल"जीत के माहौल में क्यों हार की बातें करें"सादगी के साथ में, शृंगार की बातें करेंजीत के माहौल में, क्यों हार की बाते...
clicks 594  Vote 0 Vote  4:20pm 27 May 2014

"दिन आ गये हैं प्यार के" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मेरे काव्य संग्रह "सुख का सूरज"सेएक गीतदिन आ गये हैं प्यार केखिल उठा सारा चमन, दिन आ गये हैं प्यार के।रीझने के खीझने के, प्रीत और मनुहार के।। चहुँओर धरती ...
clicks 578  Vote 0 Vote  12:30pm 20 May 2014
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