ब्लॉगमंच

"मेरी बात बहुत से ब्लॉगरों को बुरी लग सकती है"

 आज मैं ऐसे विषय पर कलम चलाने जा रहा हूँ जो बहुत से ब्लॉगरों को बुरी लग सकती है।मित्रों!चर्चा मंच पर सन् 2009 से अनवरतरूप से आपके द्वारा लिखी गई ब्लॉग की ...
clicks 77  Vote 0 Vote  11:20am 13 Mar 2021

कविता और संस्मरण’ "चन्दा देता है विश्राम" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

‘चन्दा और सूरज’’चन्दा में चाहे कितने ही, धब्बे काले-काले हों।सूरज में चाहे कितने ही, सुख के भरे उजाले हों।लेकिन वो चन्दा जैसी शीतलता नही दे पायेगा।अ...
clicks 307  Vote 0 Vote  7:51am 18 Mar 2020

दोहे "रंगों की बौछार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

होली का त्यौहार-0-0-0-0-0-फागुन में अच्छी लगें, रंगों की बौछार।सुन्दर, सुखद-ललाम है, होली का त्यौहार।।--शीत विदा होने लगा, चली बसन्त बयार।प्यार बाँटने आ गया, होल...
clicks 172  Vote 0 Vote  3:43pm 24 Feb 2020

श्रद्धा़ञ्जलि "भोलादत्त पाण्डेय को, नमन हजारों बार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

चर्चा मंचकी चर्चाकाराश्रीमती राधातिवारी जीके पूज्य पिता श्री भोलादत्त पाण्डेय जी काजोधपुर में लम्बी बीमारी के बाददेहावसान हो गया है।मंच दुःख की इस घ...
clicks 332  Vote 0 Vote  5:28pm 16 Nov 2018

बालकविता "सिसक-सिसक कर स्लेट जी रही, तख्ती ने दम तोड़ दिया है"

अपनी बालकृति"हँसता गाता बचपन"सेतख्ती और स्लेटसिसक-सिसक कर स्लेट जी रही,तख्ती ने दम तोड़ दिया है।सुन्दर लेख-सुलेख नहीं है,कलम टाट का छोड़ दिया है।। दादी...
clicks 462  Vote 0 Vote  4:52pm 6 Jul 2018

"व्यञ्नावली-ऊष्म और संयुक्ताक्षर" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

मित्रों!आज हिन्दी वर्णमाला की अन्तिम कड़ी में प्रस्तुत हैंऊष्म और संयुक्ताक्षरसबसे पहले देखिए..--“ष”“ष” से बन जाता षटकोण!षड्दर्शन, षड्दृष्टिको...
clicks 493  Vote 0 Vote  5:14pm 10 Oct 2016

"हिन्दी व्यञ्जनावली-अन्तस्थ" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

"व्यञ्जनावली-अन्तस्थ"--“य”“य” से यति वो ही कहलाते!जो नित यज्ञ-हवन करवाते!वातावरण शुद्ध हो जाता,कष्ट-क्लेश इससे मिट जाते!--“र” “र” से रसना को लो जान!रथ ...
clicks 469  Vote 0 Vote  4:09pm 12 Sep 2016

“हिन्दी व्यञ्जनावली-पवर्ग” (डॉ0 रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

“व्यञ्जनावली-पवर्ग”  -- "प""प"से पर्वत और पतंग!पत्थर हैं पहाड़ के अंग!मानो तो ये महादेव हैं,बहुत निराले इनके ढंग!!-- "फ" फ से फल गुण का भण्डार!फल सबसे अच...
clicks 477  Vote 0 Vote  8:14am 19 Aug 2016

“हिन्दी व्यञ्जनावली-तवर्ग” (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

"त""त"से तकली और तलवार!बच्चों को तख्ती से प्यार!तरु का अर्थ पेड़ होता है,तरुवर जीवन का आधार!!”थ”"थ"से थन, थरमस बन जाता!थम से जन जीवन थम जाता!थाम रहा थम जगत-नियन्...
clicks 542  Vote 0 Vote  4:34pm 19 Jul 2016

"व्यञ्जनावली-टवर्ग" (डॉ0 रूपचन्द्र शास्त्री ‘मयंक’)

"हिन्दी व्यञ्जनावली-टवर्ग" --"ट""ट"से टहनी और टमाटर!अंग्रेजी भाषा है टर-टर!हिन्दी वैज्ञानिक भाषा है,सम्बोधन में होता आदर!! --"ठ""ठ"से ठेंगा और ठठेरा!दुनिया म...
clicks 534  Vote 0 Vote  12:54pm 13 Jul 2016
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