डायरी

नकली आहत भावनाएं

जो समाज जितना ज़्यादा डरा, सहमा, सामंती, नकली और कूढ़-मगज होता है; उसकी भावनाएं उतनी ज़्यादा आहत होती है। ज्ञानी आदमी कौआ और कान वाली घटना में पहले अपना कान छू...
clicks 48  Vote 0 Vote  8:04pm 13 Nov 2017

एक दूजे के लिए : दुनियां में प्यार की एक है बोली

फिल्में ट्रेंड पैदा करती हैं। किसी ज़माने में नाटक भी ट्रेंड पैदा किया करते थे। जगह-जगह अर्थात ऐतिहासिक इमारत, पहाड़, पेड़ आदि पर प्रेमी-प्रेमिका का नाम लिख...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:52pm 13 Nov 2017

फ़िल्म इत्तेफ़ाक : हर इत्तेफ़ाक़ महज इत्तेफाक नहीं होती !

यह सच है कि कलाकार एक दूसरे की कला से प्रभावित होते हैं, यह एक स्वाभविक प्रक्रिया है; लेकिन प्रभाव के साथ ही साथ चुपके से नकल कर लेना हिंदी सिनेमा की महत्वप...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:46pm 13 Nov 2017

रिबन : एक अनछुआ प्रयास

हिंदी सिनेमा की मूल समस्या कथ्य की है। यहां अमूमन वही घिसा पीटा फॉर्मूला थोड़े फेर बदल के साथ चलता/बनता है और अमूमन फिल्में उसके आस पास गोल-गोल चक्कर काटती...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:44pm 13 Nov 2017

नाट्य प्रदर्शन अधिनियम 1876 अर्थात एक काला अध्याय अब समाप्त होगा।

सबसे पहले यह जान लेना ज़रूरी है कि नाटय प्रदर्शन अधिनियम 1876 क्या है? इस का निर्माण क्यों किया गया? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किसी भी लोकतांत्रिक देश की मूलभ...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:38pm 13 Nov 2017

चार्ली चैप्लिन : The Kid के बहाने

सिनेमा की शुरुआत में ही फ़्रान्सीसी दर्शनिक बर्गसन ने कहा था कि "मनुष्य की मष्तिष्क की तरह ही कैमरा काम करता है। मनुष्य की आंखे इस कैमरे की लेंस हैं। आंखों...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:32pm 13 Nov 2017

ये मोह मोह के धागे : दम लगाके हैशा

कुछ फिल्में बड़ी ही स्मूथ, स्वीट, सादगीपूर्ण और सौम्य होती हैं। ये फिल्में भले ही बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा धमाल नहीं करतीं लेकिन जो भी इन्हें देखता है काफी दि...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:15pm 13 Nov 2017

चार्ली चैपलिन : #The_Gold_Rush : प्यार काफी है हर काम को करने के लिए ।

सोने की खोज में बर्फीले तूफ़ान में फंसे भूख से बिलबिलाते दो लोग। कोई चारा ना देखकर अन्तः जूता पकाया जाता है और उस पके जूते को खाया भी जाता है। विश्व सिनेमा ...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:13pm 13 Nov 2017

चार्ली चैप्लिन : अमृत और विष !!!

90 का दशक था। एंटीना और स्वेत-श्याम टेलीविजन वाला युग। चैनल के नाम पर एकलौता दूरदर्शन था। केबल और डीटीएच टीवी का आतंक अभी कोसों दूर था। दुरदर्शन पर रविवार ...
clicks 0  Vote 0 Vote  1:11pm 13 Nov 2017

चार्ली चैप्लिन : हास्य एक गंभीर विषय है।

टीवी से अमूमन दूर ही रहता हूँ लेकिन कभी-कभी तफ़रीह मार लेता हूँ। आज तफ़रीह के चक्कर में #Romedy_Now नामक चैनल पर गया तो देखा चार्ली चैप्लिन की फ़िल्म#The_Circus आ रही ...
clicks 28  Vote 0 Vote  10:13pm 1 Oct 2017
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