आपका ब्लॉग

कृष्णविवर

 प्रेम में टूटी स्त्री के भीतरपनपने लगते है,छोटे छोटे कृष्णविवर....कुछ उसकी उदास आंखों में.. कुछ उसकी खाली खोखलीआवाज़  में....और कुछउसके  उदास और ...
clicks 27  Vote 0 Vote  1:04am 14 Nov 2021

कुछ अनुभूतियाँ

 कुछ अनुभूतियाँ 1रात रात भर जग कर चन्दाढूँढ रहा है किसे गगन में ?थक कर बेबस सो जाता हैदर्द दबा कर अपने मन में | 2बीती रातों की सब बातेंमुझको कब सोने देती...
clicks 37  Vote 0 Vote  10:26am 21 Oct 2021

अनुभूतियाँ : क़िस्त 12

  क़िस्त 12 1साथ दिया है तूने इतना मुझ पर रही इनायत तेरीतुझे नया हमराह मिला हैफिर क्या रही ज़रूरत मेरी । 2रहने दे ’आनन’ तू अपनाप्यार मुहब्बत जुमलेबाजी...
clicks 48  Vote 0 Vote  10:09am 23 Sep 2021

एक व्यंग्य : शायरी का सर्टिफिकेट

 एक व्यंग्य : शायरी का सर्टिफ़िकेट चाय का एक घूँट जैसे ही मिश्रा जी के हलक के अन्दर गया कि एक शे’र बाहर निकला। चाय की प्याली नहीं है , ज़िन्दगी का स्वाद है, म...
clicks 48  Vote 0 Vote  11:17am 18 Sep 2021

एक ग़ज़ल : अभी नाज़-ए-बुताँ देखूँ--कि

 एक ग़ज़लअभी नाज़-ए-बुतां देखूँ  कि ज़ख़्मों के निशाँ देखूँ ,मिले ग़म से ज़रा फ़ुरसत तो फिर कार-ए-जहाँ देखूँ।    मसाइल हैं अभी बाक़ी ,मसाइब भी कहाँ कम हैं ,ज़म...
clicks 41  Vote 0 Vote  10:50am 15 Sep 2021

अनुभूतियाँ : क़िस्त 11

 कुछ अनुभूतियाँ : क़िस्त 11 1दो बरतन जब पास पास होंलाजिम उनका टकराना है।छोड़ो छॊटी-मोटी बातें -बोलो वापस कब आना है ? 2दशकों का था साथ पुराना,चाँदी से तुम मो...
clicks 50  Vote 0 Vote  10:10am 11 Sep 2021

इश्क की अलख जगाना तुम

 कभी वक्त मिले तो,बतलाना तुमसुदूर क्षितिज पेआ जाना तुम...वहां चांद की रंगतपीली होगीऔर फलक की चादर कुछ नीली होगी जब रात ढलेऔर सुबह चले धूप  को उबटन&...
clicks 156  Vote 0 Vote  9:46pm 30 Aug 2021

सोरठा छंद "राम महिमा"

सोरठा छंद "राम महिमा"मंजुल मुद आनंद, राम-चरित कलि अघ हरण।भव अधिताप निकंद, मोह निशा रवि सम दलन।।हरें जगत-संताप, नमो भक्त-वत्सल प्रभो।भव-वारिध के आप, मंदर स...
clicks 79  Vote 0 Vote  11:36am 5 Aug 2021

अनुभूतियाँ: क़िस्त 08

अनुभूतियाँ : क़िस्त 08 1दोनों के जब दर्द एक हैं,फिर क्यों दिल से दिल की दूरीएक साथ चलने में क्या है ,मिलने में हैं क्या मजबूरी ? 2रात रात भर तारे किस की ,देखा ...
clicks 50  Vote 0 Vote  6:47pm 19 Jun 2021

कहानियां - एक गीत

 कहानियां ....सुनाएगा जमाना कुछ कहानियां ...वक्त के धारों कीबहते किनारों की कहानियां ...कहानियां..कहानियां ...जब हम मिले थे पहले दिल धड़का हौले हौलेशोर ...
clicks 66  Vote 0 Vote  5:05pm 3 Jun 2021
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