उलूक टाइम्स

हमारे खून में है गिरोह हो जाना तू अलग है बता क्या और होना चाहता है

 कितना भी कोशिश करें हम शराफत पोतने कीदिख जाता है कहीं से भी फटा हुआकिसी छेद से झाँकता हुआ हमारा नजरियाहम कब गिरोह हो लेते हैंहमें पता कहाँ चलता ह...
clicks 25  Vote 0 Vote  8:42pm 1 Apr 2021

बकवास बिना कर लगे है करिये कोई नहीं है जो कहे सब पैमाने में है

 सालों हो गये कुछ लिख लेने की चाह में कुछ लिखते लिखते पहुँच गये आज इस राह मेंशेरो शायरी खतो किताबत पता नहीं क्या क्या सुना गया लिखा गया याद कुछ नहीं रहा...
clicks 49  Vote 0 Vote  9:14pm 3 Mar 2021

किसी महीने बरसात कम होती किसी महीने बकवास कम होती

करते करते बकवास निरन्तर सुजान हो चले जड़मति ये भी तो किस्मत है होती अभ्यास समझ रोज का लेखन आभासी कलम पन्ने जोतती खुद ही कुछ बोती जमा होते चले आगे के पीछ...
clicks 42  Vote 0 Vote  10:00pm 28 Feb 2021

घर के कुत्ते ने शहर के कुत्ते के ऊपर भौंक कर आज अखबार के पन्ने पर जगह पाई है बधाई है ‘उलूक’ बधाई है

अखबार में फोटो आई है सारा घर मगन है मालिक कभी दिखाया नहीं जाता है घर के कुत्ते ने बहुत धूम मचाई है घर में भौंकता नहीं है कभी कटखन्ने होने की मिठाई है किसी क...
clicks 66  Vote 0 Vote  9:01pm 2 Feb 2021

बकवास करने वाले हैं कुछ बेगार ही सही बेगार लिख रहे हैं

सबसे अच्छा है कुछ नहीं लिखना कई कई दिनों तक पन्नों में नहीं दिखना किसी ने पूछना नहीं है क्यों नहीं दिख रहे हो किसे मतलब है कहने से किसलिये बकवास करने से ...
clicks 51  Vote 0 Vote  8:20pm 29 Jan 2021

एक चोर का डैमेज कंट्रोल वाह वाही चाहता है अखबार उसकी एक पुरानी खबर के बाद बस चुप हो जाता है

 बहुत हो गया है कूड़ा हो ही जाता है कूड़े का डिब्बा गले गले तक भर जाता है होना कुछ नहीं होता है पता होता है फुसफुसाने में सब खो जाता है बड़ी खबर किसने कह दिया आ...
clicks 57  Vote 0 Vote  8:21pm 18 Jan 2021

नंगा सच है नंगई ईश्वरीय है

मत लिखा कर हर समय गीला सा सुखा लिया कर लिखा अपना सीला सा आग नहीं लगती है लिखा गीला होता है सीलन सुलगती नहीं है रोज लिखना हर समय दिखना इसलिये ठीक नहीं होता ह...
clicks 33  Vote 0 Vote  10:56pm 9 Jan 2021

उदास चेहरा भी कार्टून में जगह ले लेता है कुछ भी लिखे को व्यंग समझना जरूरी नहीं होता है: ताला बन्दी के बहाने बकवास

उबासी लेता व्यंग अवसादग्रस्त है मगर मानने को तैयार नहीं है उसके खुद अपने चेहरे को खींचते हुऐ दाँत निपोरना जोर लगा कर हैशा कुछ ऐसा अहसास करा रहा है जैसे कल...
clicks 169  Vote 0 Vote  9:32pm 11 May 2020

सोच कर लिखा नहीं जाता है और बिना सोचे लिखा गया लिखा नहीं होता है साहित्य के बीच में बकवास लिख कर घुसने का भी कोई कायदा होता है

सालों गुजर गये सोचते हुऐ लिखने की कुछकुछ ऐसा जिसका कुछ मतलब निकले लिखना आने से मतलब निकलने वाला ही लिखा जायेगा बेमतलब की बात ह...
clicks 90  Vote 0 Vote  9:10pm 2 May 2020

उड़ नहीं रहा होता है उड़ाया जा रहा होता है पंछी नहीं हो रहा होता है एक ड्रोन हो रहा होता है

पंख निकले होते हौले हौले फैल कर ढक लेते सब कुछ आँचल की तरह उड़ने के लिये अनन्त आकाश में दूर दूर तक फैले होते झुंड नहीं होते उड़ना होता हल्के होकर हवा की लहरों...
clicks 110  Vote 0 Vote  10:05pm 25 Mar 2020
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