बाल सजग

कविता : पल भर की हँसी

"पल भर की हँसी "क्यों उदास बैठा है मेरे दोस्त, एक पल के लिए  हँस तो सही | हँस के तो एक बार तू  देख,सच होंगें तेरे सपने सभी | उदास मन तेरे सोच को जमाएगा,&n...
clicks 5  Vote 0 Vote  5:48pm 9 Jul 2018

कविता : गर्मी की बरसात

"गर्मी की बरसात " दोपहर की क्या वो बात थी ,धूप और गर्मी की बरसात थी | टपक रहा था पानी टप टप, राहत की भीख  माँग रहे थे सब | सोच रहे थे कैसे छुटकारा मिल ज...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:28pm 8 Jul 2018

कविता : मेरी चाह

 "मेरी चाह "मेरी चाह एक ऐसी  हो ,दुनियाँ में हर एक जैसा हो |हर गरीब की एक छाया हो,बंधू और भाई  माया हो |दुःख का कोई  नाम न हो,खुशियों से भरा हर शाम हो |दु...
clicks 18  Vote 0 Vote  3:08pm 4 Jul 2018

कविता : खुले आसमान के जैसा

"खुले आसमान के जैसा "खुले आसमान के जैसा, मौसम के बौछार जैसा | पक्षियों की चहचहाहट ,फूलों की महकाहट | सभी को ये अच्छा लगता, खुले आसमान के जैसा | बादल बन...
clicks 3  Vote 0 Vote  7:57am 28 Jun 2018

कविता : हवा की तूफानी

"हवा की तूफानी "गर्मी की आ  गई परेशानी,लू गरम , हवा की तूफानी | कूलर , फ्रीज़ की मेहरबानी, चल - चलकर दे रही है क़ुरबानी | कितनी  तूफानी ये गर्मी, सहन करना ...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:43am 28 Jun 2018

कविता : मन्द मन्द हवाएँ बहती हैं,

"मन्द मन्द हवाएँ बहती हैं "मन्द मन्द हवाएँ बहती हैं, इशारा से ये कुछ कहती है |  उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है, पेड़ की पत्तियों से कुछ कहती है |  जीवन ...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:28am 28 Jun 2018

कविता : कोशिश हमारी

"कोशिश हमारी " छोटी सी ये जिंदगी हमारी, कुछ कर जाने की चाह हमारी | जमीं आसमां एक कर जाएंगें,दुनिया को हम कर दिखलाएंगें |  कोशिश हम सदा करते रहेंग...
clicks 3  Vote 0 Vote  7:04am 25 Jun 2018

कविता :तेरी दुनिया मेरी दुनिया

"तेरी दुनिया मेरी दुनिया "तेरी दुनिया मेरी दुनिया, अलग नहीं है मेरे साथी | चाहे हो वह जंगल के जानवर, या हो अपना प्यारा सा हाथी | सुन्दर फूल हर जगह हैं,&nb...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:30am 24 Jun 2018

कविता : बरसात

"बरसात "टिप-टिप बरसा पानी, झम-झम बरसा पानी |जब धरती पर है आती,टप-टप शोर है मचाती |बच्चे सभी ख़ुशी मनाते, बरसते के पानी में खूब नहाते  | जगह -जगह कीचड़ फै...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:55am 24 Jun 2018

कविता : दिन का उदय

"दिन का उदय "दिन का तू ख्याल मत रख, सुबह भी होगी शाम भी होगी | वहीं धुप होगी वहीं शाम होगी,सूर्य चंद्र के प्रकाश क मिश्रण होगा |  बहार भी चलेगी, विच...
clicks 2  Vote 0 Vote  7:00am 23 Jun 2018
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013