बाल सजग

कविता : सागर बन जाऊँ

"सागर बन जाऊँ "मन करता है सागर बन जाऊँ,सन्देश देने वाली लहरें बन जाऊँ | ऐसे उठूँ कि गिर न सकूँ,लोगों को जीना सिखाऊँ | पानी की तरह रहना सिखाऊँ, मैं उन सभी से यह ब...
clicks 21  Vote 0 Vote  5:51am 13 Aug 2019

कविता : छुट्टी हुई

"छुट्टी हुई "छुट्टी हुई , छुट्टी हुई,स्कूल से आज छुट्टी हुई | चार को स्कूल खुलेगा,उसी दिन कॉपी , किताब मिलेगा | फिर मैं स्कूल जाऊंगा,स्कूल में पहले प्रार्थना ...
clicks 4  Vote 0 Vote  5:38am 8 Aug 2019

कविता : एक कण हूँ मैं

"एक कण हूँ मैं "बचपन से धूप में तपता रहा हूँ मैं,धूल के कणों से खेलता रहा हूँ मैं |पर मुझे आज एक मौका मिला है,जो बहुत ही मुश्किल से मिला है | इतने बड़े संसार में,...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:45am 7 Aug 2019

कविता : डर है मुझे

"डर है मुझे "रंग के त्योहारों में,एक अनोखे नज़ारों में,खुद को मुझे खोने का डर है | डर है मुझे उन चीजों से,जो मुझे आकर्षित करती है | डर है मुझे उन शक्षों से, जो अपन...
clicks 0  Vote 0 Vote  5:54am 5 Aug 2019

कविता : प्यारी माँ है तू

"प्यारी माँ है तू "धूप की तपती कहर है तू,दोनों हाथों में स्वर्ग का आनंद है तू | वह प्यारी माँ है तू,छाती से दूध पिलाने वाली माँ है तू | हर दर्द को समझने वाली,हर म...
clicks 0  Vote 0 Vote  7:24am 4 Aug 2019

कविता : हौशला

"हौशला "मुझमें भी वह हौशला है,मेरे भी कुछ ख्वाइश हैं | मैं अपने को साबित कर सकता पेन और कॉपी के सहारे | अपना उज्जवल भविष्य लिख सकता हूँ,उसको सबके सामने पढ़ सकत...
clicks 6  Vote 0 Vote  5:34am 2 Aug 2019

कविता : सावन की पहली बारिश

"सावन की पहली बारिश "सावन की पहली बारिश ऐसे आया,जैसे अँधेरे कोठरी में कोई मुशाफिर आया | सुनशान जगह में कोई नया जीवन लाया,हरे हुए लोगों का जोश बढ़ाया | पूरे तर...
clicks 13  Vote 0 Vote  5:35am 1 Aug 2019

कविता : सावन का महीना

"सावन का महीना"सावन का महीना आया,अपने संग बारिश लाया | हरियाली सी खुशियाली छाई ,चिड़ियों की चहचाहक लाई | ताल ,डबरा भर है आई,कीड़े - मकौड़े बारात लाई | सरपर चढ़कर बो...
clicks 1  Vote 0 Vote  5:51am 31 Jul 2019

कविता : अपना हाल

"अपना हाल "क्या बताएँ हम अपना हाल,यह मौसम तो है बिल्कुल बेकार | न चैन हैं , न ही है राहत,पूरा दिन गर्मी में गरमाहट | थोड़ी सी बरसात राहत दिलाती,ज्यादा दिन वह भी ट...
clicks 2  Vote 0 Vote  6:18am 30 Jul 2019

कविता : किसानों की हुई ख्वाइश पूरी

"किसानों की हुई ख्वाइश पूरी "इस महीने हुई है जमकर बारिश,किसानों की हुई ख्वाइश पूरी | धरती का वाटरलेबल बढ़ा,हमें इस मुसीबत से दूर किया | इस बारिश के महीने में, ...
clicks 29  Vote 0 Vote  6:13am 29 Jul 2019
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