मेरी जुबानी

हे साईं... साईं वंदना

तू कर दे बेड़ा पार.... हे साईं.. हे साईं - 2मोहपाश में फँसा हूँ मैंमेरा कर दे तू उद्धार.... हे साईं.. हे साईं - 2तू कर दे बेड़ा पार.... हे साईं.. हे साईं  - 2दुखियों का तू त...
clicks 16  Vote 0 Vote  1:15pm 25 Apr 2019

रे अभिमानी..

रे अभिमानी..काश.. तुम समझ पाते स्त्री का हृदय. पढ़ पाते उसकी भावऩाओं को,उसके मनसरिता की पावन जलधारा को,जिसमें बहते हुए वह अपना सम्पूर्ण जीवनसमर्पित कर द...
clicks 9  Vote 0 Vote  12:31am 25 Apr 2019

तुम बिन....

तुम बिन .....मेरी रगों मेंलहू बनकरबहने वाले तुमये तो बता दो किमुझमें मैं बची हूँ कितनीतुम्हारा ख्याल जब - तबआकर घेर लेता है मुझेऔर कतरा - कतराबन रिसता हैंमे...
clicks 6  Vote 0 Vote  11:14am 24 Apr 2019

कीरचें...

वो समझ नहीं पाए, मैं समझाती रह गई।उनके अहम में, मैं खुद को मिटाती रह गई।उजाड़ी थी बागबां ने ही, बगिया हरी - भरीगुलाब सी मैं, काँटों में छटपटाती रह गई।महफिल न...
clicks 7  Vote 0 Vote  12:09am 21 Apr 2019

सिग्नल गाथा

1:गुटखा चबाकरमुँह से पीकगिराती हुईमैले वसनों मेंउस हृष्ट - पुष्टस्थूल कायस्याह वर्णपरपोषितपैंतीस छत्तीसवयीनपरोपजीवीवयस्का कोमस्तक उठाकरभीख मांगना...
clicks 52  Vote 0 Vote  8:59pm 6 Apr 2019

नयन पाश

खिंचा आया था पुष्प में, अलि की तरहपाश में ऐसा जकड़ा, निकल न सका।इन निगाहों ने ऐसा असर कर दियान मैं जिंदा रहा, और न मर ही सका।है प्रशांत सबसे गहरा, या चितवन ते...
clicks 14  Vote 0 Vote  3:47pm 6 Apr 2019

ग़रीबी - प्रश्न चिह्न

गरीबी- प्रश्नचिह्नतरसते दो जूनकी रोटी कोधन और साधन कीकमी से जूझतेमैले- कुचैलेचीथड़ों मेंजीवन केअनमोल स्वप्न सजातेसूखे शरीर से चिपकेनवजात कोअपने आँचल...
clicks 38  Vote 0 Vote  10:59pm 30 Mar 2019

कलम बीमार है..

न उठना चाहती है,न चलना चाहती है.स्वयं में सिमट कररह गई मेरी कलमआजकल बीमार रहती है.आक्रोशित हो जब लिखती है अपने मन कीतो चमकती है तेज़ टहकार- सी.चौंधिया देने ...
clicks 13  Vote 0 Vote  11:58pm 24 Mar 2019

8 मार्च

      8 मार्च8 मार्च ये कोई तारीख हैया स्त्री के जख्मों परसाल दर साल बड़े प्रेम सेछिड़का जाने वाला नमक..ये 8 मार्च आखिर आता क्यों हैऔर आता भी है तो चुपचापच...
clicks 54  Vote 0 Vote  11:09pm 9 Mar 2019

ललकार रहा है हिंदुस्तान...

ललकार रहा है हिंदुस्तानललकार रहा है हिन्दुस्तानसुधर जा ओ अब पाकिस्तान!मारो, काटो, आतंक करो...ऐ दहशत गर्दों शर्म करो...क्या इस्लाम यही सिखलाता है?क्या कुरा...
clicks 14  Vote 0 Vote  10:44pm 14 Feb 2019
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