स्वप्न मेरे ...

साथ गर मेरा तुम्हे स्वीकार हो ...

जीत मेरी हो न तेरी हार हो जो सही है बस वही हरबार हो रात ने बादल के कानों में कहा हट जरा सा चाँद का दीदार होनाव उतरेगी सफीनों से तभीहाथ में लहरों के जब पतवार ह...
clicks 0  Vote 0 Vote  9:40am 11 Jun 2018

सुबह की चाय में बिस्कुट डुबा कर ...

नहीं जाता है ये इक बार आ करबुढ़ापा जाएगा साँसें छुड़ा कर फकत इस बात पे सोई नहीं वो अभी सो जायेगी मुझको सुला कर तुम्हारे हाथ भी तो कांपते हैं में रख देता हूँ य...
clicks 1  Vote 0 Vote  7:51am 4 Jun 2018

बाल में ऊँगली फिराना तो नहीं ...

होठ दांतों में दबाना तो नहींयूँ ही कुछ कहना सुनाना तो नहींआप जो मसरूफ दिखते हो मुझे गम छुपाने का बहाना तो नहीं एक टक देखा हँसे फिर चल दिएसच कहो, ये दिल लगान...
clicks 19  Vote 0 Vote  7:02am 28 May 2018

दिन पुराने ढूंढ लाओ साब जी ...

दिन पुराने ढूंढ लाओ साब जी लौट के इस शहर आओ साब जी कश पे कश छल्लों पे छल्ले उफ़ वो दिन विल्स की सिगरेट पिलाओ साब जी मैस की पतली दाल रोटी,पेट फुलपान कलकत्ति खि...
clicks 33  Vote 0 Vote  9:44am 22 May 2018

यादों की खुशबू से महकी इक चिट्ठी गुमनाम मिली ...

जाने किसने भेजी है पर मुझको तो बे-नाम मिली आज सुबह दरवाज़ा खोला तो अख़बार के नीचे से यादों की खुशबू से महकी इक चिट्ठी गुमनाम मिली टूटी निब, पेन्सिल के टुकड़े,...
clicks 41  Vote 0 Vote  8:13am 16 Apr 2018

राम से ज्यादा लखन के नाम ये बनवास है ...

जिनके जीवन में हमेशा प्रेम है, उल्लास हैदर्द जितना भी मिले टिकता नहीं फिर पास है   दूसरों के घाव सिलने से नहीं फुर्सत जिन्हेंअपने उधड़े ज़ख्म का उनको कह...
clicks 10  Vote 0 Vote  10:05am 9 Apr 2018

कुछ ख़त हमारी याद के पन्नों से धुल गए ...

लम्हे जो गुम हुए थे दराजों में मिल गए दो चार दिन सुकून से अपने निकल गएडट कर चुनौतियों का किया सामना मगरदो आंसुओं के वार से पल भर में हिल गए दुश्मन के तीर प...
clicks 29  Vote 0 Vote  9:24am 2 Apr 2018

जीत या हार ...

सपने पालने की कोई उम्र नहीं होती वो अक्सर उतावली हो के बिखर जाना चाहती थी ऊंचाई से गिरते झरने की बूँद सरीखी ओर जब बाँध लिया आवारा मोहब्बत ने उसे ...  उतर गई ...
clicks 31  Vote 0 Vote  8:14am 26 Mar 2018

समय - एक इरेज़र ... ?

यादें यादें यादें ... क्यों आती हैं ... कब आती हैं ... कैसे आती हैं ... जरूरी है यादों की यादों में रहना ... या साँसों  का हिसाब रखना ... या फिर जंगली गुलाब का याद रखना ...
clicks 38  Vote 0 Vote  1:00pm 19 Mar 2018

सफ़र जो आसान नहीं ...

बेतहाशा फिसलन की राह पर काम नहीं आता मुट्ठियों से घास पकड़ना   सुकून देता है उम्मीद के पत्थर से टकराना या रौशनी का लिबास ओढ़े अंजान टहनी का सहारा  थाम ल...
clicks 51  Vote 0 Vote  9:17am 12 Mar 2018
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013