Amit Mishra

माहताब की लाली

माहताब की लाली को बादलों में छुपाया ना करोयूँ  बेवजह  रूखसारों  पे जुल्फें  गिराया  ना करोबाहों  के  घेरों  में सिमटो  तो  नज़रें  झुका लो...
clicks 0  Vote 0 Vote  2:36pm 13 Aug 2018

धरोहर..

धरोहर.. हाँ यही नाम दिया है मैंने तुम्हारी यादों और तुम्हारे वादों को....
clicks 18  Vote 0 Vote  10:54am 28 Jul 2018

मौन भला हूँ

मैं  गुलों के  जैसा महकता  नही हूँसितारा हूँ लेकिन चमकता नही हूँज़मा...
clicks 23  Vote 0 Vote  10:52am 24 Jul 2018

मिलन रूहों का....

काश..मैं लिख सकता एक कविताजो  मैं  हर  रोज  पढ़ता  हूँअंतर्मन के अनकहे...
clicks 18  Vote 0 Vote  11:27am 18 Jul 2018

स्वयंवर

*****स्वयंवर*****तोड़ धनुष जब शिव जी कामन  ही  मन  राम  हर्षाये थेभये  प्रसन्...
clicks 26  Vote 0 Vote  9:02pm 13 Jul 2018

कुछ यादें...

कुछ यादें इस दिल से निकाली नही जातीकुछ निशानियाँ हैं जो  संभाली नही जातीकुछ  ख़्वाबों की  तामील भी  इस तरह  हुईशिद्दत से माँगी दुआ कभी ख़ाली नही जात...
clicks 6  Vote 0 Vote  3:06pm 5 Jul 2018

गिला नही करते...

ख़ज़ान  के  दिनों  में  धूप  सहा नही करतेउस बूढ़े शज़र पे अब परिंदे रहा नह...
clicks 33  Vote 0 Vote  11:46am 3 Jul 2018

जीने का फ़लसफ़ा..

बेख़ुदी में अपनी एक अलग ही सुकूँ आया हैदिल ने आज सारे रंज-ओ-ग़म को भुलाया...
clicks 23  Vote 0 Vote  10:40am 28 Jun 2018

बिखरा आशियाना...

रिश्तों को  इस तरह  कोई बिगाड़ता नही हैअपना ही आशियाना कोई उजाड़ता नहì...
clicks 28  Vote 0 Vote  11:38am 23 Jun 2018

तुम और चाय...भाग-2

पिछला भाग पढ़ने के लिये इस लिंक पर:https://poetmishraji.blogspot.com/2018/03/blog-post_24.html सुनी मैंने तुम्हारी चाय और वो बातें...हाँ  मुझे  तो  सब  कुछ  याद हैवो  चाय  और  अपनी ...
clicks 34  Vote 0 Vote  11:10am 19 Jun 2018
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