saMVAdGhar संवादघर

किसीसे, बात छुपाओ, कभी कहा ही नहीं

ग़ज़लराज खुल जाने के डर में कभी रहा ही नहींकिसीसे, बात छुपाओ, कभी कहा ही नहींमैंने वो बात कही भीड़ जिससे डरती हैये कोई जुर्म है कि भीड़ से डरा ही नहीं !जितना ख़...
clicks 37  Vote 0 Vote  4:46pm 26 Apr 2018

कितने मिलते हैं मेरे दोस्त औ’ दुश्मन के ख़्याल

ग़ज़लया तो बेईमानी-भरी दुनिया से मैं कट जाऊंया कि ईमान के चक्कर में ख़ुद निपट जाऊंतुम तो चाहते हो सभी माफ़िया में शामिल होंतुम तो चाहोगे मैं अपनी बात से पलट...
clicks 43  Vote 0 Vote  4:13am 25 Apr 2018

पहेली हल

वामपंथी बायीं तरफ़ जाएं।दक्षिणपंथी दायीं तरफ़ जाएं। (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({ google_ad_client: "ca-pub-9126168104576814", enable_page_level_ads: true }); अक़्लमंद अपनी अक्...
clicks 11  Vote 0 Vote  6:05pm 18 Apr 2018

इक बच्चे ने सब देख लिया

ग़ज़लइकबच्चेनेजबदेखलियाइकबच्चेनेसबदेखलियायेबड़ेतोबिलकुलछोटेहैं!इकबच्चेनेकबदेखलिया ?अबकिससेछुपतेफिरतेहो?इकबच्चेनेजबदेखलियाअबक्यारक्खाहैक़िस्...
clicks 10  Vote 0 Vote  3:03pm 10 Apr 2018

तो ये है फ़क़त आने-जाने की दुनिया

ग़ज़ल                                                                                                      PHOTO by Sanjay Groverद...
clicks 77  Vote 0 Vote  8:00pm 12 Feb 2018

उनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगी

ग़ज़लउनकी ख़ूबी मुझे जब ख़राबी लगीउनको मेरी भी हालत शराबी लगीउम्र-भर उनके ताले यूं उलझे रहेवक़्त पड़ने पे बस मेरी चाबी लगीउनके हालात जो भी थे, अच्छे न थेउ...
clicks 35  Vote 0 Vote  6:49pm 24 Jan 2018

यही तो मेरा हासिल हैं

गज़ल                                                                                                          सुबह ...
clicks 90  Vote 0 Vote  2:54pm 12 Jan 2018

मुझमें सच्चाईयों के कांटें हैं

ग़ज़लआसमानों से दूर रहता हूंबेईमानों से दूर रहता हूंवो जो मिल-जुलके बेईमानी करेंख़ानदानों से दूर रहता हूंअसलियत को जो छुपाना चाहेंउन फ़सानों से दूर रहता...
clicks 72  Vote 0 Vote  9:55pm 4 Jan 2018

पत्थरों से न करो बोर किसी पागल को

 ग़ज़लये शख़्स कितना पुराना है, बुहारो कोईअभी भी चांद पे बैठा है, उतारो कोईदिलो-दिमाग़ में उलझा है, उलझाता हैइसकी सच्चाई में सलवट है, सुधारो कोईपत्थरों से न ...
clicks 25  Vote 0 Vote  4:44pm 23 Dec 2017

इंसान बनाम बेईमान

पहले वे यहूदियों के लिए आएमैं वहां नहीं मिलाक्योंकि मैं यहूदी नहीं थाफिर वे वामपंथियों के लिए आएमैं उन्हें नहीं मिलाक्योंकि मैं वामपंथी नहीं थावे अब स...
clicks 36  Vote 0 Vote  4:17pm 22 Sep 2017
[ Prev Page ] [ Next Page ]
 
CONTACT US ADVERTISE T&C

Copyright © 2009-2013