ज़िन्दगी…एक खामोश सफ़र

राम तुम आओगे

राम क्या तुम आ रहे हो क्या सच में आ रहे हो राम तुम जरूर आओगे राम तुम्हें जरूर आना ही होगा आह्वान है ये इस भारतभूमि का हे मर्यादापुरुषोत्तम मर्य...
clicks 18  Vote 0 Vote  4:43pm 6 Nov 2018

बुरा वक्त कहता है

बुरा वक्त कहता है चुप रहो सहो कि अच्छे दिन जरूर आयेंगे सब मिटा दूँ, हटा दूँ कि आस की नाव पर नहीं गुजरती ज़िन्दगी छोड़ दूँ सब कुछ हो जाऊँ गायब समय के परिदृश्य स...
clicks 5  Vote 0 Vote  4:31pm 29 Oct 2018

जिसकी लाठी उसकी भैंस की तरह

हुआ करते थे कभी चौराहों पर झगडे तो कभी सुलह सफाई वक्त की आँधी सब ले उड़ी आज बदल चुका है दृश्य आपातकाल के मुहाने पर खड़ा देश नहीं सुलझा पा रहा मुद्दे चौराहों प...
clicks 66  Vote 0 Vote  12:44pm 23 Oct 2018

चौराहे हमारी आरामस्थली हैं

आजकल हम उस चौराहे पर खड़े हैं जिससे किसी भी ओरकोई भी रास्ता नहीं जाता एक दिशाहीन जंगल में भटकने के सिवा जैसे कुछ हाथ नहीं लगता वैसे ही अब न कोई पथ प्रदर्शक म...
clicks 24  Vote 0 Vote  5:17pm 2 Oct 2018

मुद्दा ये है, कि हम प्यार में हैं

न जाने किसके अख्तियार में हैं मुद्दा ये है, कि हम प्यार में हैं वो कह दें इक बार जो हमको अपना हम समझेंगे उनके दिल-ओ-जान में हैं अब पराई अमानत है न परायेपन का ...
clicks 44  Vote 0 Vote  1:14pm 26 Sep 2018

अदृश्य हमसफ़र मेरी नज़र में

आज एक हफ्ते बाद यहाँ वापसी हुई है. मम्मी एडमिट थीं उन्हें खून की उल्टियाँ हो गयी थीं लेकिन ईश्वर की कृपा से बहुत बड़ी बीमारी नहीं निकली और जो आई है उसके लिए ...
clicks 53  Vote 0 Vote  12:22pm 11 Sep 2018

“सृष्टि-जनक” मेरी नजर में

सूरजमल रस्तोगी “शांत” जी किसी परिचय के मोहताज नहीं लेकिन मैं उनके बारे में नहीं जानती थी. पिछले दिनों उनके उपन्यास “सृष्टि-जनक” पर प्रतिक्रिया पढ़ी तो पढ...
clicks 39  Vote 0 Vote  4:05pm 19 Aug 2018

तुलसी शालिग्राम संयोग .....एक प्रश्नचिन्ह

1जार जार है अस्मिता मेरी आज भीव्यथित हूँ , उद्वेलित हूँ , मर्मान्तक आहत हूँकरती हूँ जब भी आकलनपाती हूँ खुद को ठगा हुआमेरा क्या दोष थाआज तक न कहीं आकलन हुआतप...
clicks 13  Vote 0 Vote  12:57pm 10 Aug 2018

हम अवसाद में हैं

सुनो मत कुरेदो हमें हम अवसाद में हैं मत पूछना कैसा अवसाद नकारात्मकता के ढोल जब बेतहाशा बज रहे हों कान के परदे जब फट रहे हों बेचैनियों के समुन्दर जब ठाठें ...
clicks 14  Vote 0 Vote  1:31pm 25 Jul 2018

भीड़

भीड़ का कोई धर्म नहीं होता सच ही तो कहा गया भीड़ का कोई चेहरा नहीं होता सच ही तो कहा गया फिर आज प्रश्न क्यों?फिर आज उस पर लगाम लगाने की जरूरत क्यों?आदत है तुम्ह...
clicks 23  Vote 0 Vote  1:21pm 18 Jul 2018
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