शाश्वत शिल्प

एक बस्तरिहा गीत और झपताल

परंपरागत जनजातीय गीतों की कुछ अपनी विशिष्टताएं होती हैं । पहली, इनमें 3, 4 या कहीं-कहीं 5 स्वरों का ही उपयोग होता है । आधुनिक संगीत में कुल 12 स्वर होते हैं । क...
clicks 11  Vote 0 Vote  2:59pm 31 May 2018

तीन मणिकाएं

1.तुम्हारा झूठउसके लिएसच हैमेरा सचकिसी और के लिएझूठ हैऐसा तो होना ही थाक्योंकिसच और झूठ कोतौलने वाला तराजूअलग-अलग हैहम सबका  !2.जो नासमझ हैउसे समझाने से ...
clicks 47  Vote 0 Vote  11:27am 24 Apr 2018

विमोचन

मेरा काव्य संग्रह ‘‘श्वासों का अनुप्रास’’का विमोचन देश के सुपरिचित व्यंग्यकार, कवि और पत्रकार श्री गिरीश पंकज और प्रसिद्ध भाषाविद्, गीतकार और संगीतज्...
clicks 64  Vote 0 Vote  1:13pm 13 Mar 2018

होली का दस्तूर

 देहरी पर आहट हुई, फागुन पूछे कौनमैं बसंत तेरा सखा, तू क्यों अब तक मौन।निरखत बासंती छटा, फागुन हुआ निहालइतराता सा वह चला, लेकर रंग गुलाल।कलियों के संकोच ...
clicks 46  Vote 0 Vote  1:56pm 28 Feb 2018

फूल हों ख़ुशबू रहे

दर रहे या ना रहे छाजन रहे,फूल हों ख़ुशबू रहे आँगन रहे ।फ़िक्र ग़म की क्यों, ख़ुशी से यूँ अगर,आँसुओं से भीगता दामन रहे ।झाँक लो भीतर कहीं ऐसा न हो,आप ही ख़ुद आप ...
clicks 63  Vote 0 Vote  7:15pm 29 Jan 2018

ग्रेगोरियन कैलेण्डर

                     तिथि, माह और वर्ष की गणना के लिए ईस्वी सन् वाले कैलेण्डर का प्रयोग आज पूरे विश्व में हो रहा है। यह कैलेण्डर आज से 2700 वर्ष पूर्व...
clicks 20  Vote 0 Vote  2:39pm 31 Dec 2017

पूजा से पावन

                 जाने -पहचाने  बरसों के  फिर  भी   वे अनजान लगे,                 महफ़िल सजी हुई है लेकिन सहरा सा सुनसान लग...
clicks 83  Vote 0 Vote  11:47am 25 Nov 2017

तितलियों का ज़िक्र हो

प्यार का, अहसास का, ख़ामोशियों का ज़िक्र हो,महफ़िलों में अब ज़रा तन्हाइयों का ज़िक्र हो।मीर, ग़ालिब की ग़ज़ल या, जिगर के कुछ शे‘र हों,जो कबीरा ने कही, उन साखि...
clicks 30  Vote 0 Vote  8:21pm 31 Oct 2017

ऊबते देखे गए

भीड़ में अस्तित्व अपना खोजते देखे गए,मौन थे जो आज तक वे चीखते देखे गए।आधुनिकता के नशे में रात दिन जो चूर थे,ऊब कर फिर ज़िंदगी से भागते देखे गए।हाथ में खंजर ल...
clicks 28  Vote 0 Vote  7:59pm 30 Sep 2017

तबला वादन में ख्यातिलब्ध महिलाएँ

             हिंदुस्तानी संगीत में तालवाद्यों में तबला सबसे अधिक प्रतिष्ठित वाद्ययंत्र है । शास्त्रीय संगीत हो या सुगम, गायन-वादन हो या ...
clicks 23  Vote 0 Vote  5:57pm 31 Aug 2017
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