अजित गुप्‍ता का कोना

जय कन्फ्यूज्ड देवा

जय कन्फ्यूज्ड देवाहम भारतीयों की एक आदत है और अमूमन सब की ही है। आप पूछेंगे क्या! अजी बताते हैं। किसी भी  बात में अपना थूथन घुसाना और कैसी भी गैर जिम्मेद...
clicks 7  Vote 0 Vote  12:30pm 15 Jun 2018

दस का दम

कल दस का दम सीरियल देखा,सलमान खान इसे होस्ट कर रहे हैं। बड़ी निराशा हुई सीरियल देखकर,सलमान की ऊर्जा जैसे छूमंतर हो गयी हो! नकली हँसी,दबी सी आवाज,दण्ड के नीच...
clicks 7  Vote 0 Vote  11:39am 5 Jun 2018

जैसा देव वैसा पुजारी

कहावत है – जैसा देव वैसा पुजारी। काली माता का विभत्स रूप,तो पुजारी भी शराब का चढ़ावा चढ़ाते हैं,बकरा काटते हैं। डाकू गिरोह में डाकू ही शामिल होते हैं और स...
clicks 15  Vote 0 Vote  10:13am 4 Jun 2018

शेर की किरकिरी

शेर और शेर के बच्चों से परेशान होकर मैंने सच्चे शेर की तलाश में नेशनल ज्योग्राफी चैनल पर दस्तक दे दी। खोलते ही जो दृश्य था वह बता दूं – एक संकरा सा रास्ता थ...
clicks 30  Vote 0 Vote  6:10pm 2 May 2018

लुंज-पुंज से लेकर छूट और लूट की दुकान

लुंज-पुंज से लेकर छूट और लूट की दुकानआज एक पुरानी कथा सुनाती हूँ,शायद पहले भी कभी सुनायी होगी। राजा वेन को उन्हीं के सभासदों ने मार डाला,अराजकता फैली तो व...
clicks 9  Vote 0 Vote  10:48am 22 Apr 2018

जी-हुजूरियें आखिरी दाँव ढूंढ रहे हैं

बात 90 के दशक की है,हमारे कॉलेज में जब परीक्षाएं होती थी तब परीक्षा केन्द्रों पर सारे ही अध्यापकों की ड्यूटी लगती थी,लेकिन मेरी कभी नहीं। मैं सोचती थी शायद ...
clicks 21  Vote 0 Vote  12:05pm 20 Apr 2018

औरंगजेब के काल की याद आ रही है

पिछले कई दिनों से रह-रहकर औरंगजेब के काल की याद आ रही है,देश के किसी मन्दिर को बक्शा नहीं गया था और ना ही ऐसी कोई मूर्ति शेष रही थी जो तोड़े जाने से बच गयी हो...
clicks 9  Vote 0 Vote  10:11am 17 Apr 2018

हर मन में हमने हिंसा को कूट-कूटकर भर दिया है

यह शोर,यह अफरा-तफरी मचाने का प्रयास,आखिर किस के लिये  है?एक आम आदमी अपनी रोटी-रोजी कमाने में व्यस्त है,आम गृहिणी अपने घर को सम्भालने में व्यस्त है,व्यापा...
clicks 38  Vote 0 Vote  11:35am 16 Apr 2018

दे थप्पड़ और दे थप्पड़

राष्ट्रमण्डल खेलों का जुनून सर चढ़कर बोल रहा है और लिखने के लिये समय नहीं निकाल पा रही हूँ,लगता है बस खेलों की यह चाँदनी चार दिन की है तो जी लो,फिर तो उसी अक...
clicks 36  Vote 0 Vote  11:04am 12 Apr 2018

द्वेष की आग कितना जलाएगी?

सोमनाथ का इतिहास पढ़ रही थी,सेनापति दौड़ रहा है,पड़ोसी राजा से सहायता लेने को तरस रहा है लेकिन सभी की शर्ते हैं। आखिर गजनी आता है और सोमनाथ को लूटकर चले जा...
clicks 38  Vote 0 Vote  8:58am 4 Apr 2018
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