रायटोक्रेट कुमारेन्द्र

रानी लक्ष्मीबाई का अंतिम युद्ध

बुन्देलखण्ड के इतिहास की बारीकियों से परिचित करवाने वाले देवेन्द्र सिंह जी की कलम से...+++++++++++++++++++१७ जुन,१८५८ महारानी लक्ष्मीबाई का बलिदान दिवस, आज १७ जून है ...
clicks 78  Vote 0 Vote  11:58pm 17 Jun 2021

बाल श्रम के प्रति सामाजिक नजरिया ही सही नहीं

बाल श्रम की जब भी बात होती है तब हम सभी सार्वजनिक रूप से अपने आदर्श स्वरूप में दिखने लगते हैं. जैसे ही बाल श्रम की बात ख़त्म होती है वैसे ही तुरंत सबकुछ भूल क...
clicks 49  Vote 0 Vote  11:55pm 12 Jun 2021

संवेदनहीन होकर हम मौत को एन्जॉय करने लगे हैं

आप में से बहुतों को शीर्षक पढ़कर आश्चर्य हुआ होगा. यदि ये कहें कि आश्चर्य से ज्यादा कुछ अजीब सी अनुभूति आई होगी, हमारे प्रति एक अलग तरह की ही सोच बनी होगी तो ...
clicks 53  Vote 0 Vote  9:14pm 1 Jun 2021

बच्चों का मनोबल बनें अभिभावक

कोरोना के संक्रमण गति बढ़ने के कारण देश में फिर एक बार लगभग सभी गतिविधियों पर विराम सा लगा हुआ है. बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी लोग घर पर रहते हुए ही अपने काम क...
clicks 67  Vote 0 Vote  3:41pm 16 May 2021

पारिवारिक सहयोग और आत्मविश्वास से हराया कोरोना को

कोरोना ने सबसे पहले जकड़ा था ज्योति, मेरी भाभी, सबसे छोटे भाई की पत्नी को. उसे तुरंत आइसोलेट किया गया. वृद्ध सास-ससुर के मन को संभालने-समझने वाली विन...
clicks 113  Vote 0 Vote  11:50pm 14 May 2021

डराने का ट्रेंड चल पड़ा है सोशल मीडिया पर

कोरोनाकाल फिर एक बार सबको डराने में लगा है. इस डर के पीछे एक कारण लोगों का अनावश्यक रूप से दहशत फैलाना भी है. बहुतेरे लोग ऐसा जानबूझ कर करने में लगे हैं और ब...
clicks 165  Vote 0 Vote  11:10pm 28 Apr 2021

जीतने की कोशिश और हार जाने का डर

जीतने की कोशिश और हार जाने का डर. ऐसा कब होता है? जब प्रतिद्वंद्वी आपका अपना अभिन्न हो. यह भले अजूबा सा लगे मगर आजकल ऐसा बहुत होने लगा है जबकि प्रतिद्वंद्वी...
clicks 71  Vote 0 Vote  11:15pm 14 Apr 2021

प्यार उससे तब भी था, आज भी है

बहुत से लोगों के लिए यह मजाक का विषय बन जाता है कि मधुबाला आज भी हमारे मोबाइल में, लैपटॉप में वॉलपेपर के रूप में उपस्थित रहती हैं. मधुबाला आज भी हमारे आसपास...
clicks 69  Vote 0 Vote  11:57pm 5 Apr 2021

सामाजिक क्षेत्र के पिस्सू

अपने जीवन का बहुत लम्बा समय सामाजिक क्षेत्र में व्यतीत करने के कारण बहुत से व्यावहारिक अनुभवों को करीब से देखने का अवसर मिला है. इन अनुभवों में कुछ अनुभव ...
clicks 74  Vote 0 Vote  11:17pm 8 Mar 2021

अइया को याद करते हुए

कहते हैं कि समय घावों को भर देता है. इसके बाद भी कुछ बातें, कुछ यादें ऐसी होती हैं जिनको समय भी धुंधला नहीं कर पाता है. वे मन-मष्तिष्क पर ज्यों की त्यों अंकित...
clicks 95  Vote 0 Vote  11:02pm 23 Feb 2021
 
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