Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
दिन है देवोत्थान का, व्रत-पूजन का खास।भोग लगा कर ईश को, तब खोलो उपवास।।--होते देवउठान से, शुरू सभी शुभ काम।दुनिया में सबसे बड़ा, नारायण का नाम।।--मंजिल की हो चाह तो, मिल जाती है राह।आज रचाओ हर्ष से, तुलसी जी का ब्याह।।--पूरी निष्ठा से करो, शादी और विवाह।बढ़ जाता शुभ कर्म से, ज...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   3:57pm 19 Nov 2018
Blogger: shikha kaushik at भारतीय नारी...
अदा रखती थी मुख्तलिफ ,इरादे नेक रखती थी ,वतन की खातिर मिटने को सदा तैयार रहती थी ...............................................................................मोम की गुड़िया की जैसी ,वे नेता वानर दल की थी ,,मुल्क पर कुर्बां होने का वो जज़बा दिल में रखती थी .........................................................................................पाक की खातिर नामर्दी झेली जो हि...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   3:14pm 19 Nov 2018
Blogger: shalini kaushik at ! कौशल !...
अदा रखती थी मुख्तलिफ ,इरादे नेक रखती थी ,वतन की खातिर मिटने को सदा तैयार रहती थी ...............................................................................मोम की गुड़िया की जैसी ,वे नेता वानर दल की थी ,,मुल्क पर कुर्बां होने का वो जज़बा दिल में रखती थी .........................................................................................पाक की खातिर नामर्दी झेली जो हि...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   2:31pm 19 Nov 2018
Blogger: Anshu Mali Rastogi at चिकोटी...
सुनने में पहले जरूर थोड़ा अटपटा टाइप लगता था। मगर अब आदत-सी हो गई। यों भी, आदतें जितनी व्यावहारिक हों, उतनी ठीक। ज्यादा मनघुन्ना बनने का कोई मतलब नहीं बैठता। यह संसार सामाजिक है। समाज में किस्म-किस्म के लोग हैं। तरह-तरह की बातें व अदावतें हैं। तो जितना एडजस्ट हो जाए, उतना ...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   11:50am 19 Nov 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at मयंक की डायरी...
 “एक फुट के मजनूमियाँ”     कुछ दिनों पहले मुझे साधना वैद की “एक फुट के मजनूमियाँ” प्राप्त हुई मैंने सोचा कि शायद ये कोई उपन्यास होगा। लेकिन जब मैंने इसको खोलकर देखा तो पता लगा कि यह एक बालकृति है। जिसमें बच्चों के लिए छोटी-छोटी बीस बालोपयोगी लघुकथाएँ संकलित है...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   11:31am 19 Nov 2018
Blogger: कारवॉं at कारवॉं karvaan...
 ‘सामाजिक परिवर्तन में बाधक हिन्दुत्व’दलित चिंतक एच एल दुसाध का दुसाध प्रकाशन से आया हजार पृष्ठों का ग्रंथ है। श्री दुसाध पत्रकारिता को समर्पित अकेले ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने राजनीति, साहित्य, फिल्म, क्रिकेट, दूरदर्शन, धर्म, भू-मंडलीकरण, शिक्षा और अर्थनीति ज...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   10:42am 19 Nov 2018
Blogger: Amit Mishra at Amit Mishra...
मैं ख़ुश हूँ जो मैं आहिस्ता  चल रहा हूँवो हैरां हैं फ़िर भी आगे निकल रहा हूँवक़्त लेता है करवट कई थमने से पहलेये  गुमां है  मì...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   9:52am 19 Nov 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
सुधि पाठकों!  सोमवार की चर्चा में  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक। राधा तिवारी (राधे गोपाल)   -- ग़ज़ल   "महकता चमन है"   (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक)  उच्चारण  -- निकाय चुनाव   चन्डूखाना और गणित   शहर की चैन की साँसों के   अंतिम पड़ाव की शाम   आँसू बहा रही है  उलूक टाइम्...
clicks 3 View   Vote 0 Vote   3:30am 19 Nov 2018
Blogger: माधवी रंजना at DAANAPAANI...
एक सैलानी की नजर से भले हमें कुर्ग का सुंदर लगा हो पर स्थानीय लोगों की माने तो कुर्ग का मौसम काफी बदल रहा है। कुछ साल पहले कुर्ग का तापमान 26 डिग्री के आसपास रहता था। पर अब मई में अधिकतम तापमान 38 डिग्री तक चला जाता है। सैलानियों की बढ़ती आमद, बढ़ते कंक्रीट के जंगल और जलवायु ...
clicks 10 View   Vote 0 Vote   12:00am 19 Nov 2018
Blogger: vedprakash srivastav at गोण्डा लाइव न...
रिर्पोट-आर तिवारीगोण्डा। जनपद के देहात कोतवाली क्षेत्र में लापरवाही या अन्देखा  रेलवे लाइन पार करते समय हुआ घायल  इलाज के लिए ले जाते समय हुयी मौत परिजनो मे मचाकोहराम। कोतवाली देहात अन्तर्गत गोन्डा गोरखपुर रेलवे लाइन सोनी गुमटी बरूवा चक्र के बीच आज दिन मे 11 बजे ...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   8:04pm 18 Nov 2018
Blogger: अपर्णा त्रिपाठी at palash "पलाश"...
सलिल और अनीता की शादी को करीब आठ साल हो चुके थे किन्तु आंगन आज तक सूना था, कोई ऐसा डॉक्टर नही बचा था जिन्हे दिखाया न गया हो, कोई ऐसा मन्दिर नही था जहाँ मन्नत न मांगी गयी हो। जब सभी आशाओं ने दम तोड दिया तब दम्पति ने एक बच्चा गोद देने का निश्चय किया। आज इसी उद्देश्य से दोनो अपन...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   7:55pm 18 Nov 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
दो पड़ोसी देशों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम ने भारत का ध्यान खींचा है। एक है मालदीव और दूसरा श्रीलंका। शनिवार को मालदीव में नव निर्वाचित राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी शामिल हुए। दक्षिण एशिया की राजनयिक पृ...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   7:29am 18 Nov 2018
Blogger: समीर लाल at उड़न तश्तरी .......
कल शाम दफ्तर से लौट कर हेयर कटिंग करवाने चला गया. पहले से फोन पर एप से रिजर्वेशन करा लिया था तो तुरंत ही नम्बर आ गया. दिन भर दफ्तर की थकान, फिर लौटते वक्त ट्रेन में भी कुछ ज्यादा भीड़ और उस पर से बरफ भी गिर रही थी तो मोटा भारी जैकेट. जैकेट उतार कर जरा आराम मिला नाई की कुर्सी पर ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   7:22am 18 Nov 2018
Blogger: pratibha kushwaha at ठिकाना ...
हिन्दू पौराणिक कथाओं में स्त्रियों के सौभाग्य का सूचक सिंदूर के बारे में ऐसी कई तरह की कथाएं प्रचलित हैं। जिनके माध्यम इस बात को स्थापित करने की कोशिश की जाती है कि सौभाग्य यानी पति की लंबी आयु के लिए सिंदूर क्यों धारण किया जाता है। सिंदूर का संदर्भ केवल शादीशुदा महिल...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   10:52pm 17 Nov 2018
Blogger: Sudha Singh at मेरी जुबानी ...
~एक और वनवास~ढूँढ रही थी अपने पिता की छविउस घर के  सबसे बड़े पुरुष मेंएक स्त्री को माँ भी समझ लिया थाप्रेम की गंगा बह रही थी हृदय से मेरेलगा था बाबुल का घर छूटा तो क्या हुआएक स्वर्ग जैसा घर फिर से ईश्वर ने मुझे भेट में दे दियाएक बहन भी मिल गई है सुख दुख बाँटने कोसब कुछ यूट...
clicks 2 View   Vote 0 Vote   9:01pm 17 Nov 2018
Blogger: Janta News at Janta News...
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर खट्टर को मोहल्ला क्लिनिक देखने के लिए बुलाया था, जिसे उन्होंने स्वीकार भी कर लिया था। पर उसके बाद कई दिनों तक समय मांगने के बावजूद अभी तक मनोहर खट्टर अभी तक समय नहीं दे पाए हैं। इसके बीच दिल्ली के म...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   8:54pm 17 Nov 2018
Blogger: Deepak Kumar Bhanre at .मेरी अभिव्यक...
आओ संभाल  लें  रिश्तों को दरकने से पहले ,करें एक पहल नजरों में खटकने से पहले। माना कि कुछ अनबन हो गई हो कभी ,कुछ अपने रुसवा  हो  गये हो तभी ,करें एक पहल फासले  मिटायें ,आओ रूठे हुये अपनों  को मनायें।गर  दोस्तों से बहुत दिनों से न हो मिलेजीवन की उलझनों में अब तक रह...
clicks 14 View   Vote 0 Vote   2:42pm 17 Nov 2018
Blogger: डॉ. जेन्नी शबनम at लम्हों का सफ़...
लौट जाऊँगी...   *******   कब कहाँ खो आई ख़ुद को   कब से तलाश रही हूँ ख़ुद को   बात-बात पर कभी रूठती थी   अब रूठूँ तो मनाएगा कौन   बार-बार पुकारेगा कौन   माँ की पुकार में दुलार का नाम   अब भी आँखों में ला देता नमी   ठहर गई है मन में कुछ कमी,   अब तो यूँ जैसे ...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   12:23am 17 Nov 2018
Blogger: krishnakant at बोल कि लब आजा...
प्रेमचंद यूरोपीय राष्ट्रवाद की आलोचना के साथ ऐसे राष्ट्रवाद की कल्पना करते थे जिसमें किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए जगह हो. 'सांप्रदायिकता सरकार का सबसे बड़ा अस्त्र है और वह आखिर दम तक इस हथियार को हाथ से न छोड़ेगी.'प्रेमचंद यह पंक्ति उस अंग्रेजी शासन के लिए जब लि...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   10:02pm 16 Nov 2018
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