Blogger: shivam misra at जागो सोने वाल...
आज जून महीने का तीसरा रविवार है ... हर साल की तरह इस साल भी जून का यह तीसरा रविवार फदर्स डे  के रूप मे मनाया जा रहा है ... पर क्या सिर्फ एक दिन पिता को समर्पित कर क्या हम सब उस के कर्ज़ से मुक्त हो सकते है ... क्या यही है क्या वास्तव मे हमारा संतान धर्म ??? क्या इतना काफी है उस पिता ...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   5:25pm 17 Jun 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at जिज्ञासा...
राइजिंग कश्मीर के सम्पादक शुजात बुखारी की हत्या,जिस रोज हुई, उसी रोज सेना के एक जवान औरंगजेब खान की हत्या की खबर भी आई थी। इसके दो-तीन दिन पहले से कश्मीर में अचानक हिंसा का सिलसिला तेज हो गया था। नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी गोलीबारी से बीएसएफ के चार जवानों की हत्या की ख...
clicks 8 View   Vote 0 Vote   1:43pm 17 Jun 2018
Blogger: माधवी रंजना at DAANA PAANI...
पटियाला सलवार। महिलाओं के बीच अत्यंत लोकप्रिय। जी हां, शहर के नाम पर पट्टी वाले ढीले-ढाले सलवार की प्रसिद्धि देश भर में है। उसी पटियाला शहर की सड़कों पर हम घूम रहे हैं।  थोड़ी बात पटियाला शहर की। तो पटियाला नाम बना है नाम पटियाला दो शब्दों पटि और आला जोड़कर।  ...
clicks 15 View   Vote 0 Vote   12:30pm 17 Jun 2018
Blogger: Dr. Harimohan Gupt at Dr. Hari Mohan Gupt...
नभचर,जलचर,जब खेमों में नहीं बंटे हैं,थलचर प्राणी क्यों आपस में लडे कटे हैं,हम में हो सदभाव, सियासी दांव न खेलें,मिल कर रहना सीख सकें हर जगह डटे हैं  ...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   11:27am 17 Jun 2018
Blogger: प्रमोद जोशी at Gyaankosh ज्ञानकोश...
रिम ऑफ द पैसिफिक एक्सरसाइज़ (RIMPAC) को संक्षेप में रिम्पैक कहते हैं. दो साल में एकबार होने वाला यह युद्धाभ्यास अमेरिका के पश्चिमी तट पर प्रशांत महासागर में होनोलुलु, हवाई के पास जून-जुलाई में होता है. इसका संचालन अमेरिकी नौसेना का प्रशांत बेड़ा करता है, जिसका मुख्यालय पर्...
clicks 7 View   Vote 0 Vote   10:10am 17 Jun 2018
Blogger: Randhir Singh Suman at लो क सं घ र्ष !...
सन् 1950 के शुरू में भारत के लोगों ने अपने आप के लिये एक आदर्श लोकतंत्र कीसंवैधानिक व्यवस्था की शुरूआत की। इसके अन्तर्गत हमारा साझा उद्धेश्य रहा हैःप्रत्येक भारतीय नागरिक का जीवन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से परिपूर्णहो। इस हेतु विकास की योजनाबद्ध प्रक्रिया क...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   8:15am 17 Jun 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at उच्चारण...
अमर वीरांगना झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई की160वीं पुण्यतिथि पर उन्हें अपने श्रद्धासुमन समर्पित करते हुएश्रीमती सुभद्राकुमारी चौहान कीयह अमर कविता सम्पूर्णरूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ!सिंहासन हिल उठे, राजवंशों ने भृकुटि तानी थी,बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई ...
clicks 4 View   Vote 0 Vote   7:58am 17 Jun 2018
Blogger: Bal Sajag at बाल सजग...
"  हिंदुस्तान एक मील का पत्थर "यह हिंदुस्तान एक मील का पत्थर है,इसकी हर एक सड़क  में मंजिल है | यहाँ हर एक चीज कीमती दिखती है, हीरे- जवाहरात महँगे बिकते हैं | वो खुले आसमान में जीने की आज़ादी है, कुछ न कर पाओ तो जीवन में बर्बादी है | ऐसे बुलंद हौशलों की दीवारें भी है...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   6:28am 17 Jun 2018
Blogger: डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक" at चर्चामंच...
मित्रों!  रविवार की चर्चा में आपका स्वागत है।  देखिए मेरी पसन्द के कुछ लिंक।  (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')  -- जय हिंद  नमस्ते namaste पर  noopuram  -- झुका दूँ शीश......   पितृ दिवस के अवसर पर  ! कौशल ! पर  Shalini Kaushik   -- दोहे   "कहो मुबारक ईद"   उच्चारण  -- इक चाँद ही है   जो भीगी सुबह...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   3:00am 17 Jun 2018
Blogger: साहित्य शिल्पी at साहित्य शिल्...
रचनाकार परिचय:- डा. महेंद्रभटनागर सर्जना-भवन, 110 बलवन्तनगर, गांधी रोड, ग्वालियर -- 474 002 [म. प्र.] फ़ोन : 0751-4092908 / मो. 98 934 09793 E-Mail : drmahendra02@gmail.com drmahendrabh@rediffmail.com सरस अधरों पर प्रफुल्लित कंज-सी मुसकान हो या उमंगों से भरा मधु-गान हो। मुसकान की / मधु-गान की अभिशप्त इस युग में कमी है, अत्यधिक अनवधि कम...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   12:00am 17 Jun 2018
Blogger: Mahesh Barmate at Kuchh Dil Se......
शीर्षक पढ़ के क्या सोच में पड़ गए जनाब..? कहीं आपको आपकी ज़िंदगी का कोई किस्सा तो याद नहीं आ गया? अजी मैं उसी बेलन का ज़िक्र कर रहा हूँ जिसके बगैर एक आदर्श भारतीय घर का किचन अधूरा होता है..। यूँ तो हम सभी जानते हैं कि बेलन का महत्व हम सब की ज़िन्दगी में क्या होता है और क्यों..? यार! बे...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   10:35pm 16 Jun 2018
Blogger: rozkiroti at रोज़ की रोटी -...
   हमारे घर में, “विधि” मेरे लिए बड़ी खिसियाहट का, और मेरे परिवार जनों के लिए बड़े परिहास का विषय रही है। हमारी शादी के आरंभिक समय में मैं घर के मरम्मत के छोटे-मोटे कार्य करने के प्रयास करता था – परन्तु परिणाम उलटे ही होते थे, मरम्मत की गई वस्तुएँ ठीक कार्य नहीं करती थीं, व...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   8:45pm 16 Jun 2018
Blogger: Gagan Sharma at कुछ अलग सा...
फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है इसका डायरेक्शन, जिसे पता नहीं किसने, क्यों और क्या देख कर अब्बास-मस्तान जैसे सक्षम निर्देशकों को हटा कर, रमेश गोपी नायर यानी  #रेमो_डिसूजा को सौंप दिया। जिन्हें शुरू से लेकर अंत तक यही समझ में नहीं आया कि कहानी, उसके पात्रों और खासकर सल...
clicks 0 View   Vote 0 Vote   7:34pm 16 Jun 2018
Blogger: देवेन्द्र पाण्डेय at बेचैन आत्मा...
प्रोफेसर साहब का डांस बढ़िया था लेकिन उनकी डांस पार्टनर कोलंबिया वाली शकीरा होती तो और भी मजा आता! क्यों? मेरा इतना कहना था कि शादी में रुमाल को बीन बनाकर नागिन डांस करने वाला मोटुआ भी सुबह सबेरे मार्निंग वॉक के बाद पार्क के चबूतरे पर बैठ पेट फुलाने/पचकाने की क्रिया को ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   5:30pm 16 Jun 2018
Blogger: रश्मि at रूप-अरूप...
अब वापस लेह शहर की ओर। हेमि‍स को पीछे छोड़ते ही आगे एक पुल मि‍ला। वहां आगुंतको के लि‍ए धन्‍यवाद लि‍खा था। पुल के नीचे मटमैली सि‍न्‍धु नदी बह रही थी। बौद्ध धर्म के प्रतीक लाल-पीले-नीले पताके फहरा रहे थे। पास ही कुछ पुराने मि‍ट्टी और पत्‍थरों से बने घर थे जि‍नके लकड़ी के ...
clicks 5 View   Vote 0 Vote   3:28pm 16 Jun 2018
Blogger: akhtar khan akela at आपका-अख्तर खा...
वह फरिश्ते बोले ऐ लूत हम तुम्हारे परवरतिदगार के भेजे हुए (फरिश्ते हैं तुम घबराओ नहीं) ये लोग तुम तक हरगिज़ (नहीं पहुँच सकते तो तुम कुछ रात रहे अपने लड़कों बालों समैत निकल भागो और तुममें से कोई इधर मुड़ कर भी न देखे मगर तुम्हारी बीबी कि उस पर भी यक़ीनन वह अज़ाब नाजि़ल होन...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   5:34am 16 Jun 2018
Blogger: Deepak Kumar Bhanre at .मेरी अभिव्यक...
कहता# नहीं मुंह# पर ........! कितने फरेब पाल रखे है इंसा ,पर कोशिश होती है सच की तरह दिखाने की ।कोई समझ न पायेगा सोचता है इंसा ,खुश होता है सोचकर नादानियां जमाने की ।खुद तो जिम्मेदारी से दूर भागता है  इंसा ,दूसरों को तालीम देता है उसूलों को आजमाने की।खुदा भी रखता हिसाब भूल जा...
clicks 9 View   Vote 0 Vote   12:17am 16 Jun 2018
Blogger: Deepak Kumar Bhanre at .मेरी अभिव्यक...
कहता# नहीं मुंह# पर ........! कितने फरेब पाल रखे है इंसा ,पर कोशिश होती है सच की तरह दिखाने की ।कोई समझ न पायेगा सोचता है इंसा ,खुश होता है सोचकर नादानियां जमाने की ।खुद तो जिम्मेदारी से दूर भागता है  इंसा ,दूसरों को तालीम देता है उसूलों को आजमाने की।खुदा भी रखता हिसाब भूल जा...
clicks 1 View   Vote 0 Vote   12:17am 16 Jun 2018
Blogger: noopuram at नमस्ते namaste ...
ये इत्तफ़ाक नहीं है ।सीमा पर तैनात जवानरोज़ शहीद हो रहा है ।तब जाकर इस देश काहर आदमी चैन से सो पा रहा है ।वो अपना फ़र्ज़ निभा रह...
clicks 11 View   Vote 0 Vote   11:39pm 15 Jun 2018
Blogger: ABHISHEK PATEL at learns a2z current affairs test qu...
सत्र 2018-19 में एन.सी.टी.ई. के पाठ्यक्रमों - बी.एड., एम.एड., बी.पी एड, एम.पी.एड., बी.एड.-एम.एड. (एकीकृत तीन वर्षीय), बी.ए.बी.एड., बी.एस.सी.-बी.एड. एवं बी.एल.एड. में प्रवेश हेतु काउन्सलिंगमहत्वपूर्ण तारीखे =>Counselling के पंजीयन (Registration) - दिनांक 15/06/2018 से 23/06/2018 तक B.Ed, B.P.Ed, M.P.Ed, M.Ed, B.Ed-M.Ed अभी फॉर्म भरें B.A. B.Ed., ...
clicks 6 View   Vote 0 Vote   11:23pm 15 Jun 2018

 
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